MP NEWS- मध्य प्रदेश के कई जिलों में आफत की बारिश, सरपंच बहा, मौत, कई इलाकों में बाढ़

मध्य प्रदेश के कई जिलों में त्राहि-त्राहि के हालात बन गए हैं। अशोक नगर में सरपंच की कार पानी में बह गई जिससे उनकी मौत हो गई। कई इलाकों में पानी भर गया है। नदी नालों में बाढ़ आ गई है। इमरजेंसी की स्थिति है। लोग जान बचाने के लिए घरों को छोड़कर जा रहे हैं। 

अशोकनगर में सरपंच की कार बह गई, सरपंच की मौत

अशोक नगर में सावन गांव के पास एक कार पानी में बह गई। इस कार में महिदपुर गांव के सरपंच बृजेंद्र सिंह रघुवंशी, पंचायत सचिव बंटी रघुवंशी निवासी धुर्रा, एवं गांव के मनोज रघुवंशी, सुरेंद्र सिंह रघुवंशी महेंद्र सिंह महेंद्र सिंह रघुवंशी सवार थे। सभी लोग भोपाल से लौट रहे थे। सरपंच बृजेंद्र सिंह रघुवंशी की डेड बॉडी घटनास्थल से 4 किलोमीटर दूर मिली है। महेंद्र सिंह अभी भी लापता है। पंचायत सचिव बंटी रघुवंशी, मनोज रघुवंशी एवं सुरेंद्र सिंह रघुवंशी गेट खोलकर बाहर निकल गए बहते हुए एक पेड़ को पकड़ लिया और रात भर एक पेड़ पर बैठे रहे। बृजेंद्र सिंह रघुवंशी वहीं सरपंच है जिन्होंने सीएम राइज स्कूल के लिए अपनी 4 बीघा जमीन दान में दे दी थी। 

राजधानी भोपाल में बाढ़, 150 इलाके पानी में डूबे 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले 36 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। सड़कों के बाद घरों में पानी भर गया। 150 इलाकों में जबरदस्त जलभराव हो रहा है। लोग अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर जा रहे हैं। भोपाल बैतूल हाईवे बंद हो गया है। भोपाल की सभी हवाई यात्राएं बंद कर दी गई है। पूरे शहर में बिजली सप्लाई बंद है। भोपाल और बैरसिया के बीच रास्ता बंद हो गया है। पिछले 24 घंटे के रिकॉर्ड में 10 इंची पानी गिरा है।

नर्मदा नदी का वाटर लेवल तेजी से बढ़ रहा है, बाढ़ का खतरा

नर्मदापुरम में नर्मदा के सेठानी घाट पर तेजी से पानी बढ़ रहा है। सुबह से प्रति घंटा एक फीट जलस्तर बढ़ रहा है। 10 बजे जलस्तर 955.50 फीट था जो 11 बजे 957 फीट पानी पहुंच गया। नर्मदा खतरे के निशान से 10 फीट नीचे बह रही है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ बैठक की। निचली बस्तियों के लोगों को सुरक्षित स्थान और राहत कैंप पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

मध्य प्रदेश की नदियां उफान पर बांध ओवरफ्लो

नर्मदा, बेतवा, कालीसिंध, शिप्रा, शिवना समेत कई नदियां उफान पर हैं। डैम भी ओवरफ्लो हो गए हैं। नर्मदापुरम के तवा और जबलपुर के बरगी डैम से पानी छोड़ने के कारण नर्मदा का जलस्तर बढ़ गया है। बरगी के 17 गेट और तवा डैम के 13 गेट से पानी छोड़ा जा रहा है। सुबह साढ़े 9 बजे इन गेटों को 10-10 फीट तक खोल दिया गया है। नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर 949.90 फीट पहुंच गया है। तवा के और गेट खोले गए तो बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

मध्य प्रदेश मौसम का पूर्वानुमान- इन इलाकों में आफत की बारिश होगी

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में प्रदेशभर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन संभाग में 5 इंच या इससे ज्यादा पानी गिर सकता है। वहीं, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, जबलपुर में भी अति भारी बारिश हो सकती है। रीवा, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के अलावा अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, खंडवा, धार और देवास जिले में भी भारी बारिश की संभावना है।

भोपाल से मात्र 90 मीटर की ऊंचाई पर बादल, घनघोर बारिश

मौसम विशेषज्ञ पीके साहा ने बताया कि भोपाल में जिस बादल से बारिश हो रही है वह मात्र 90 मीटर की ऊंचाई पर है। यह अब तक की सबसे कम ऊंचाई है और ऐसी स्थिति में होने वाली बारिश खतरनाक होती है। भोपाल में सिर्फ बारिश ही नहीं हो रही बल्कि 52 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से आंधी भी चल रही है। इसके कारण भारी नुकसान हो रहा है। बारिश में बड़ा तालाब लबालब है, इसलिए रविवार सुबह 9 बजे से ही 11:40 बजे तक भदभदा के पांच गेट खोलने पड़े। सीजन में 7वीं बार भदभदा के गेट खोले गए।

गुना में 3 दिन से लगातार बारिश, कई इलाकों में पानी भरा

गुना में पिछले 3 दिन से लगातार बारिश का दौर जारी है। 24 घंटों में 7 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। बमोरी इलाके के पीपल्या गांव में रविवार को 3 ग्रामीण टापू पर फंस गए। अचानक पानी बढ़ने से वह चारों तरफ से घिर गए। लगभग 20 घंटों तक वह टापू पर फंसे रहे। SDERF ने किया रेस्क्यू\ कर लिया है।

सागर जिले में अब तक की सबसे तेज आंधी बारिश

सागर जिले में रविवार रात जिलेभर में गरज-चमक और आंधी के साथ तेज बारिश हुई। सुनार, धसान सहित कई नदियां उफान पर हैं। कुछ स्थानों पर पानी पुल के ऊपर आने से रास्ते बंद हो गए हैं। निचली बस्तियों में पानी घुस गया है। सागर जिले में पिछले 24 घंटों में 144 मिमी यानी पौने छह इंच औसत बारिश हुई है, जो इस सीजन में एक दिन की रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई है। सागर में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश:बारिश से निचली बस्तियों में भरा पानी, धसान, बीना, सुनार नदी में उफान, रातभर में 144 मिमी औसत बारिश हुई

जबलपुर के बाजार में बाढ़, दुकानों में पानी भरा

जबलपुर में 24 घंटे में पौने 7 इंच बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रांझी के 6 परिवारों के कुल 13 सदस्यों को सामुदायिक भवन देर रात शिफ्ट किया गया। हनुमानताल, गोकलपुर तालाब सहित अन्य तालाबों में पानी गिरने के कारण तालाब ओवरफ्लो होने लगे जिसके कारण हनुमानताल की कई दुकानों व घरों में पानी घुस गया। 

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का रास्ता बंद 

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के चलते गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से करीब 15 किमी आगे मध्यप्रदेश के अनूपपुर में लैंडस्लाइड होने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते 15 से 20 ट्रक फंस गए हैं। वहीं राजेंद्रग्राम-अमरकंटक को जोड़ने वाले किरर मार्ग पर रिटेनिंग वॉल सहित सड़क बह गई है। इसके बाद प्रशासन ने आवाजाही के लिए अगले आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया है। 

दमोह में मूसलाधार बारिश, रेलवे पुल डूबने वाला है

दमोह जिले में लगातार दो दिन से बारिश होने के कारण सभी नदी-नाले उफान पर हैं। कई पुल डूब चुके हैं। करीब आधा दर्जन गांव के कुछ घरों में सुनार और कोपरा नदी के उफान पर होने के कारण पानी घरों में भर गया है। लोग जान बचाने के लिए यहां वहां जा रहे हैं। दमोह जिले में सुनार और कोपरा नदी के उफान पर होने के कारण पथरिया क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव प्रभावित हुए, जिनमें महलवारा, खड़ेरी, खोजाखेडी, बांसा, हिनौता घाट, पथरिया का वार्ड क्रमांक 1 जहां लोगों के घरों में पानी भर गया है। दमोह-पथरिया मार्ग पर सुनार नदी पर बना पुल डूब गया है। रेलवे ब्रिज से लोगों का आवागमन हो रहा है। करीब 50 फिट ऊंचा रेलवे पुल पानी से मात्र 5 फिट दूर है, यदि और बारिश होती है, तो रेलवे का पुल भी डूब सकता है।

विदिशा में नदी में बह गया सरपंच

विदिशा जिले में हो रही भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए है। दीपनाखेडा से बहने वाली वेगमती नदी उफान पर थी, पुल पर लगभग दो फीट तक पानी बह रहा था। गांव झागर के सरपंच नथन सिंह और भारत कार में सवार थे। लोगो के माना करने के बाद भी सरपंच नहीं माने और उन्होने नदी पर लगे बैरिकेड लगे होने के वावजूद उफनती नदी के पुल पर कार को डाल दिया। नदी का तेज बहाव होने के कारण बीच पुल पर जाकर गाडी अनियंत्रित हो गई और पानी के बहाव में बहने लगी। और पुल पर लगे पिलर से जा टिकी। आम नागरिकों ने बमुश्किल सरपंच और उसके साथी को कार की खिडकी से बाहर निकाला। 

सीहोर में तेज आंधी के साथ बारिश, क्या-क्या तबाह हुआ, बाद में पता चलेगा

सीहोर में रात भर तेज हवाओं के साथ तूफानी बारिश का दौर जारी रहा। बरसात का सिलसिला सुबह भी चलता रहा। इस दौरान में अनेक क्षेत्रों में बिजली भी गुल हो गई, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लूनिया चौराहा फीडर फॉल्ट हुआ, शारदा स्कूल के पास लाइन पर बांस का पेड़ गिर गया, तेज बारिश एवं तेज हवा के कारण काम रुका रहा। सीहोर में 24 घंटे में 115 एमएम बारिश दर्ज हुई है।

राजगढ़ ब्यावरा में घर और दुकानों में 4 फीट पानी

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में रविवार सुबह से ही भारी बारिश जारी है। ब्यावरा शहर में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। निचले इलाके जलमग्न हो गए और कई घरों और दुकानों में 3 से 4 फीट पानी भर गया। ब्यावरा की निचली बस्तियों में बाढ़ का पानी आने से 100 से अधिक लोग फंस गए। जिले की नेवज, कालीसिंध, दूधी, अजनार, गाडगंगा सभी नदियां उफान पर है। ब्यावरा शहर की अजनार नदी उफान पर आ गई। रात 8 बजे से इंद्रानगर, सुठालिया बायपास रोड स्थित अवधपुरी काॅलोनी, जगात चौक,अहिंसा द्वार, अंजनीलाल मंदिर रोड के घरों और दुकानों में पानी घुस गया। 3 से 4 फिट तक पानी का भराव हो गया है। जिसकी वजह से 100 से अधिक लोग घरों में फंस गए।