संजय कुमार मिश्रा IAS- हाईकोर्ट ने कहा कलेक्टर पद के लायक नहीं - MP NEWS

जबलपुर
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पन्ना जिले के कलेक्टर Sanjay Kumar Mishra, IAS के बारे में गंभीर नेगेटिव कमेंट किया है। कोर्ट ने कहा कि यह एक पॉलिटिकल पार्टी के नेता की तरह काम कर रहे हैं और यह कलेक्टर के पद पर रहने के लायक नहीं है। हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। 

मामला जनपद पंचायत गुनौर के उपाध्यक्ष के निर्वाचन का है। कांग्रेस नेता अरुण यादव ने बताया कि हाईकोर्ट में आज इस मामले की सुनवाई हुई थी। इसी दौरान माननीय न्यायाधीश महोदय ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि श्री संजय कुमार मिश्रा एक पॉलीटिकल पार्टी के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं और उन्हें कलेक्टर के पद पर नहीं होना चाहिए। 

27 जुलाई को हुए जनपद पंचायत गुन्नौर में उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता परमानंद शर्मा ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बुधवार को मामले में सुनवाई हुई। पन्ना की गुन्नौर जनपद पंचायत में उपाध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस समर्थक परमानंद शर्मा को 13 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी समर्थक रामशिरोमणि मिश्रा को 12 वोट मिले थे। निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस नेता परमानंद शर्मा को जनपद उपाध्यक्ष की जीत का सर्टिफिकेट दे दिया, लेकिन हारे उम्मीदवार बीजेपी नेता रामशिरोमणि मिश्रा ने एक वोट के बैलेट पेपर पर स्याही बीच में लगी होने के चलते कलेक्टर के पास अपील की।

कलेक्टर ने वोट निरस्त कर दोनों प्रत्याशियों के बराबर 12-12 वोट कर अगले दिन पर्ची उठवाकर चुनाव कराया। इसमें रामशिरोमणि मिश्रा के नाम की पर्ची निकली और वे उपाध्यक्ष बन गए। कांग्रेस नेता ने इस पर आपत्ति जताते हुए हाइकोर्ट में याचिका दायर कर दी।

कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि मुझे हाईकोर्ट की टिप्पणी की जानकारी नहीं है। चुनाव नियम और पारदर्शिता के साथ कराए गए हैं।

कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री अरुण यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान पूरे मध्यप्रदेश में प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। अधिकारियों को पार्टी के काम पर लगाया गया। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी इंदौर के नेता श्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपने एक चुनाव संबंधी बयान में कहा था कि सीएम शिवराज सिंह चौहान जितना विश्वास प्रशासनिक अधिकारियों पर करते हैं उतना भाजपा के कार्यकर्ताओं पर भी करना चाहिए।