BHOPAL NEWS- वन विभाग ने प्राचीन काली मंदिर अखंड ज्योति को दीवार में चुनवा डाला

भोपाल
। इतिहास में दर्ज है कि कुछ तानाशाह राजा जिंदा इंसानों को दीवारों में चुनवा दिया करते थे। आजादी के 75 साल बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वन विभाग में ठीक उसी प्रकार से 70 साल पहले प्राण प्रतिष्ठित काली माता की मूर्ति को दीवार में चुनवा डाला। बताया जा रहा है कि इस मंदिर के पीछे वन विभाग की एक बिल्डिंग बन रही है और डिपार्टमेंट के साहब को माता का मंदिर पसंद नहीं। 

मामला अर्जुन नगर का है। मध्यप्रदेश की स्थापना सन 1956 से पहले यहां करुणाधाम आश्रम स्थापित है। इसी आश्रम के बड़े गुरु जी शांडिल्य जी महाराज ने 70 साल पहले, जब मध्य प्रदेश का अस्तित्व भी नहीं था, इस मंदिर में काली माता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की थी और तब से लगातार अखंड ज्योति जल रही है। यह मंदिर हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है। 

इस मंदिर के पीछे वन विभाग की एक बिल्डिंग बन रही है। बताया गया है कि फारेस्ट डिपार्टमेंट के साहब को बिल्डिंग के सामने यह मंदिर पसंद नहीं था। इसलिए उन्होंने पूरे मंदिर को ही अपनी बाउंड्री वॉल में चुनवा देने का आदेश दे दिया। मजदूरों ने आदेश अनुसार मंदिर के दरवाजे को बंद करते हुए सीमेंट कंक्रीट की दीवार बना दी। 

जैसे ही इसके बारे में संस्कृति बचाओ मंच के कार्यकर्ताओं को पता चला। वह तत्काल मंदिर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। थोड़ी ही देर में स्थानीय विधायक पीसी शर्मा और पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान भी पहुंच गए। वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि यह मंदिर उनकी जमीन पर बना हुआ है। जब प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस आश्रम एवं मंदिर का स्थित मध्यप्रदेश और वन विभाग के गठन से पहले का है तो यू टर्न लेते हुए दरवाजे के सामने बनी हुई दीवार को तोड़ दिया गया। 

फिलहाल मंदिर का द्वार खुल गया है लेकिन पूरा मंदिर वन विभाग की दीवार के अंदर चला गया है। उसकी स्वतंत्रता खतरे में है। तनाव की स्थिति बनी हुई है।