कांग्रेस के पास आखिरी मौका है अतिथि शिक्षक-विद्वान और संविदा का विश्वास जीतने का- Khula Khat

आदरणीय महोदय जी
, 25 जुलाई से शुरू होने जा रही विधानसभा के सत्र से कांग्रेस के पास आखरी मौका है कि जनहितैषी मुद्दों पर सरकार का ध्‍यानाकर्षण कर सके क्‍योंकि कांग्रेस पार्टी 2018 मे कई लोकलुभावन घोषणायों व कई वचन देकर सत्‍ता मे आयी थी परंतु 15 माह की सरकार मे उन्‍होनें संविदा, अतिथि शिक्षक एवं विद्वानों के लिए कुछ न किया। 

लोकसभा, विधानसभा उपचुनाव, नगरीय निकाय चुनावों मे भी जनता ने उन्‍हें नकार दिया इसका कारण है कि कांग्रेस पार्टी विपक्ष की भूमिका भी सही ढंग से नहीं निभा पा रही है जबकि भाजपा विपक्ष मे बहुत जोरदार ढंग से जनता के मुद्दों पर मुखर होती है। राष्‍ट्रीय स्‍तर पर कांग्रेस को वर्तमान मे सफलता दिखाई नहीं देती है परंतु यदि मप्र कांग्रेस के दिग्‍गज नेता कमलनाथजी, जीतू पटवारी, सज्‍जन सिंह वर्मा, कुणाल जी, बाला बच्‍चन जी के पास इस विधानसभा सत्र मे मौका है कि वो अति‍थिशिक्षकों, अतिथिविद्वानों, संविदाकर्मियों के नियमितिकरण के साथ ही सरकार को 87500 रिक्‍त शिक्षक पदों को भरने के लिए विवश कर दें, जिनमे 51000 पद वर्ग 3 के हैं। 

यदि कांग्रेस इसमें सफल हो जाती है तो युवाओं के बीच मे उनकी पैठ बन जाएगी जो कांग्रेस पार्टी एवं युवा बेरोजगारों के हित मे है। इसके लिए उनकों शिवराज सिंह चौहान जी के अतिथि शिक्षकों के नियमितिकरण, विभागीय परीक्षा, संविदा नियमितिकरण और सिंधिया जी के अतिथि शिक्षक मु्द्दे पर सड़क पर उतरने वाले बयानों से हमला करना होगा। 

भाजपा मे प्रवक्‍ता कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी के बयानों को जमीन तक ले जाते है परंतु कांग्रेस पार्टी मे कभी कभार जिक्र करके मुद्दों को छोड़ दिया जाता है। कांग्रेस पार्टी को जरूरत है जोर शोर से बार-बार कर्मचारी मुद्दों किसान मुद्दों बेरोजगारी व रिक्‍त पदों पर जल्‍द भर्ती करने संबंधी मुद्दों को उठाने की व बार-बार हो रहे परीक्षा घोटालों पर बात करने की। साथ ही वर्षों तक भर्ती प्रक्रिया को उलझाने वाली विसंगति पर बात करने की। 

जिस प्रकार भाजपा लगातार विपक्ष मे रहते आंदोलन यात्रायें निकालती है उसी तरह से शांति पूर्ण यात्राओं की कांग्रेस को भी जरूरत है जनता के बीच जाने की। विधानसभा के जरिये कांग्रेस जन मुद्दों पर भाजपा को घेर सकती है। इससे उसकी छवि मे भी सुधार होगा। इसलिए सभी बुजुर्ग व युवा कांग्रेसी विधायक एकजुटता से सदन मे मुद्दों पर हमलावर रहे। यह मौका है पार्टी पर भरोसा वापस कायम करने का।

सादर धन्‍यवाद
आशीष कुमार बिरथरिया
उदयपुरा जिला रायसेन म.प्र 

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