GWALIOR के हजारेश्वर महादेव, एक शिवलिंग में 1155 ज्योर्तिलिंग

ग्वालियर।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक अनूठा शिवलिंग है हजारेश्वर महादेव शिवलिंग। इसे चमत्कारिक भी माना जाता है और यही कारण है कि दर्शन और पूजन के लिए यहां शिवभक्तों का तांता लगा रहता है। सावन मास में यहां अभिषेक करने का विशेष महत्व बताया गया है। इसलिए इन दिनों मंदिर में भक्तों का मेला सा लग रहा है।

गेंडेवाली सड़क पर रामकुई में हजारेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। मंदिर में स्थापित महादेव की पिंडी का आकार बड़ा होने से इसे मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। सावन के महीने में ग्वालियर चंबल अंचल के शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, भिण्ड और मुरैना जिले से बड़ी संख्या में शिवभक्त यहां पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। हजारेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण पंडित ज्वाला प्रसाद पचौरी के पूर्वजों ने कराया था। यहां एक अनोखा शिवलिंग स्थापित है। मंदिर में स्थित शिवलिंग की ऊंचाई 6 फीट से अधिक है। शिवलिंग देखने में बेहद आकर्षक हैं। इसे जो भी देखता है हैरान रह जाता है। खास बात यह है कि मंदिर में एक शिवलिंग में बने 1155 ज्योर्तिलिंग और 55 शिवमुख भक्तों के आकर्षण का केन्द्र हैं।

हजारेश्वर महादेव मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां का शिवलिंग चमत्कारिक है। मंदिर में बने 1155 शिवलिंग और 55 शिवमुखों का अभिषेक करने से हर मनोकामना पूरी होती है। इसी वजह से विशेष रूप से सावन मास में अभिषेक करने यहां दूर—दूर से शिवभक्त आते हैं।