अधिकारी हो तो ऐसे, चतुराई से पकड़ लिया महिला कर्मचारी का झूठ- MP NEWS

भोपाल
। मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में चुनाव के कारण कलेक्टर तनाव में है। वह धमकी भरे निर्देश जारी कर रहे हैं लेकिन कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जो बड़ी ही चतुराई के साथ चुनाव के लिए कर्मचारियों का प्रबंधन सफलतापूर्वक कर रहे हैं। यह मामला कटनी जिले का है, जो अब पूरे मध्यप्रदेश की सुर्खियों में आ रहा है। 

महिला शिक्षक की गोद में 6 माह का बच्चा था, छुट्टी मांगने आई थी

कटनी में एक महिला शिक्षक अपनी गोद में 6 माह का बच्चा लेकर अधिकारियों के सामने प्रस्तुत हुई। उसने निवेदन किया कि उसकी गोद में बच्चा है इसलिए वह चुनाव ड्यूटी नहीं कर पाएगी। कृपया उसे चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। अधिकारी उसके निवेदन से सहमत थे लेकिन तभी महिला शिक्षक की गोद में बच्चा रोने लगा। महिला शिक्षक ने उसे चुप कराने का प्रयास किया तो और तेज रोने लगा। महिला शिक्षक से दूर हटने की कोशिश करने लगा।

ना धमकाया, न कानूनी डंडा दिखाया, कुछ सवाल किए और एनकाउंटर हो गया

समझने में देर नहीं लगी कि यह बच्चा महिला शिक्षक का नहीं है, लेकिन ऐसा सवाल भी नहीं कर सकते थे। इसलिए प्रश्नोत्तरी शुरू हुई। अधिकारियों ने महिला शिक्षक की बातों से सहमति जताते हुए बच्चे के टीकाकरण के बारे में पूछा। बस फिर क्या था, महिला शिक्षक फंस गई। उसके पास अधिकारियों के सवालों का जवाब नहीं था। अधिकारियों ने पूछा मात्र वंदना योजना के तहत कितने रुपए मिले हैं। महिला शिक्षक को समझ में आ गया था। उसने सब कुछ सच-सच बता दिया। 

एक कार्रवाई से सभी कर्मचारियों को मैसेज मिल गया

उसमें बताया कि चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए एक रिश्तेदार का बच्चा लेकर आई है। कलेक्टर प्रियंका मिश्रा ने इस मामले की विभागीय जांच और नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।