LIC निवेशकों की हालत खराब, 1.4 लाख करोड़ रुपए दौलत स्वाहा, ऐसा हाथी जो डांस नहीं कर सकता

नई दिल्ली।
निजीकरण की खबरों के के बीच भारत की सबसे बड़ी सरकारी इंश्योरेंस कंपनी, भारतीय जीवन बीमा निगम की बाजार में इज्जत लगातार गिरती जा रही है। BSE की स्क्रीन पर एलआईसी के शेयर की कीमत 723.7 रुपए दिखाई दी जो इसके इश्यू प्राइस 949 रुपए से ₹226 कम है।

LIC में निवेशकों की 1.4 लाख करोड़ रुपए दौलत स्वाहा

भारत में LIC के प्रत्येक शेयर धारक को अब तक लगभग 25% का घाटा हो चुका है। पॉलिसीहोल्डर्स (policyholders) और रिटेलर्स (retailers) को इश्यू प्राइस पर 60 रुपये और 45 रुपये की छूट मिली थी। लेकिन उन्हें भी अब तक करीब 20 फीसदी घाटा हो चुका है। एलआईसी का शेयर जब लिस्ट हुआ था तो कंपनी का मार्केट कैप छह लाख करोड़ रुपये था जो अब घटकर 4.6 लाख करोड़ रुपये रह गया है। इस तरह एलआईसी के निवेशकों की 1.4 लाख करोड़ से अधिक वेल्थ स्वाहा हो चुकी है। 

LIC में अभी भी दम बाकी है

यह टाटा मोटर्स (Tata Motors), टाटा स्टील (Tata Steel), महिंद्रा एंड महिंदा (Mahindra and Mahindra) और जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel) के मार्केट कैप से अधिक है। इसके बावजूद एलआईसी देश की सातवीं सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है।

LIC में लोगों को मुनाफा नहीं दिखा, भारी बिकवाली के कारण गिरावट 

एलआईसी देश का सबसे बड़ा आईपीओ लेकर आई थी जिसका आकार करीब 21 हजार करोड़ रुपये था। इस पर पैसा लगाने के लिए कई निवेशकों ने पहली बार डीमैट अकाउंट खोले थे। कंपनी का शेयर 17 मार्च को लिस्ट हुआ था। उसके बाद से केवल चार सेशन में ही कंपनी का शेयर तेजी के साथ बंद हुआ। बाकी दिनों में भारी बिकवाली के कारण इसमें गिरावट आई। अधिकांश एनालिस्ट्स ने इसे न्यूट्रल रेटिंग दी है और उनका कहना है कि इसमें ज्यादा संभावना नहीं है।

LIC एक ऐसा हाथी है जो डांस नहीं कर सकता

Emkay Global ने पिछले हफ्ते एलआईसी की कवरेज शुरू की थी। उसका कहना है कि एलआईसी एक ऐसा हाथी है जो डांस नहीं कर सकता। उसका कहना है कि कंपनी का साइज, इंडस्ट्री में दबदबा और विरासत इसके रास्ते में सबसे बड़ी अड़चन है। एलआईसी की सबसे बड़ी ताकल 13 लाख एजेंट्स का नेटवर्क है। Emkay ने इसे होल्ड पर रखने की सलाह दी है और इसा टारगेट प्राइस 875 रुपये रखा है।