रिश्वतखोरी की योजना बनाते स्कूल शिक्षा के दो अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज - MP NEWS

भोपाल।
यदि आप भोपाल समाचार डॉट कॉम के नियमित पाठक ने तो आप जानते हैं कि भ्रष्टाचार की योजना बनाना और भ्रष्टाचार का प्रयास करना भी गंभीर अपराध होता है। ज्यादातर ऐसे मामले दर्ज नहीं होते इसलिए लोगों को पता नहीं होता लेकिन राजगढ़ जिले में स्कूल शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों (डीपीसी और उनके अकाउंटेंट) के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस द्वारा इसी प्रकार का मामला दर्ज किया गया है।

मामले की शिकायत जीरापुर के कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में वार्डन रही अनिता पुत्री अनारसिंह तोमर ने लोकायुक्त पुलिस सहित अन्य अधिकारियों को 7 सितंबर 2020 को की थी। ऑडियो सहित अन्य शिकायत की जांच विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन भोपाल के थाना प्रभारी निरीक्षक वीके सिंह ने की थी। जांच के बाद 27 अप्रैल 2022 को तत्कालीन डीपीसी व सारंगपुर के सहायक शिक्षक शरद के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं भारतीय दंड संहिता के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

भ्रष्टाचार की योजना का कैसे पता चला

अनीता तोमर संविदा के आधार पर छात्रावास वार्डन के पद पर नियुक्त हुई थी। उन्होंने एक ऑडियो उपलब्ध कराई जिसमें तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक विक्रम सिंह राठौड़ एवं सहायक शिक्षक शरद व्यास की बातचीत रिकॉर्ड हुई। इसमें दोनों सभी छात्रावास अधीक्षकों से रिश्वत वसूली की प्लानिंग कर रहे थे। डीपीसी का कहना था कि प्रत्येक छात्रावास से कम से कम 10 तो मुझे चाहिए।