भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षकों को क्रमोन्नति देनी है या फिर समय मान वेतनमान इसका निर्धारण ढाई साल से नहीं हो पाया है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा चौथी बार प्रस्ताव को संशोधित किया जा रहा है। इधर शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और चुनाव नजदीक आने के कारण सरकार दबाव में नजर आ रही है।
पिछले ढाई साल से इस बात पर विचार विमर्श चल रहा है कि 80 हजार पात्र शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ देना है या फिर समयमान वेतनमान।। अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है लेकिन एक सहमति बनी है कि शिक्षकों को समयमान वेतनमान दिया जाएगा। लोक शिक्षण संचालनालय को निर्देशित किया गया है समयमान वेतनमान के लिए प्रस्ताव तैयार करें। यह चौथा अवसर है। इससे पहले तीन बार प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में सन 2018 में शिक्षक संवर्ग में शामिल किए गए 80000 अध्यापकों को क्रमोन्नति का इंतजार है। इन सभी की नियुक्तियां सन 2006 में हुई थी। सन 2018 में इनकी सेवा के 12 वर्ष पूरे हो जाते हैं। इसके आधार पर सभी शिक्षक क्रमोन्नति के अधिकारी हो जाते हैं।

