MP NEWS- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17 ए से संबंधित प्रक्रिया का निर्धारण

भोपाल।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17 ए के अंतर्गत निर्धारित किए गए प्रावधान के अनुसार आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच की अनुमति सिर्फ मुख्यमंत्री द्वारा दी जा सकेगी जबकि वर्ग 2 से लेकर वर्ग 4 तक के अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ जांच की अनुमति विभाग के प्रमुख अधिकारी द्वारा दी जाएगी।

मध्य प्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय द्वारा जारी पत्र क्रमांक एफ 15-01/2020/1-10 भोपाल, दिनांक 05/05/2022 के अनुसार भारत सरकार कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) के परिपत्र क्रमांक 428/07/2021- ए. पी. डी. 4 (बी) दिनांक 03/09/2021 द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17 ए के अंतर्गत प्रकरणों के मानकीकरण एवं संचालन के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किये गये हैं। इन निर्देशों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17 ए के तहत कार्यवाही किये जाने के निर्देश जारी किये गये है।

इसी परिप्रेक्ष्य में इस विभाग के समसंख्यक पत्र दिनांक 27.09.2021 द्वारा भारत सरकार के उपरोक्त पत्र की छायाप्रति संलग्न भेजकर उपरोक्त निर्देशों की कड़िका 53 के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1985 की धारा 17 ए के तहत प्राप्त प्रकरण को ग्राहय करने हेतु संबंधित विभाग के अवर सचिव से अनिम्न स्तर के अधिकारी को अधिकृत कर नामांकित करने के निर्देश दिये गये है। 

भारत सरकार द्वारा उपरोक्त SOP जारी करने के परिप्रेक्ष्य में राज्य शासन द्वारा निम्नानुसार प्रक्रिया निर्धारित की जाती है:
1. धारा 17 ए के अंतर्गत निर्णय लेने संबंधी सक्षम प्राधिकारी अखिल भारतीय सेवा एवं वर्ग-1 के अधिकारियों के मामले में समन्वय में माननीय मुख्यमंत्रीजी होंगे तथा वर्ग-2, वर्ग-3 एवं वर्ग-4 के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मामले में संबंधित प्रशासकीय विभाग होगा। 

2 धारा 17 ए के अंतर्गत अनुमति हेतु प्राप्त प्रस्ताव का सर्वप्रथम संबंधित प्रशासकीय विभाग के नामांकित अधिकारी द्वारा चेकलिस्ट अनुसार प्रस्ताव की पूर्णता की जांच की जाएगी। प्रस्ताव पूर्णरूपेण होने की स्थिति में संबंधित विभाग प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त कर अखिल भारतीय सेवा एवं वर्ग के अधिकारियों के मामलों में समन्वय में आदेश प्राप्त करेगा एवं अन्य के मामलों में प्रशासकीय अनुमोदन के आधार पर निर्णय अनुसार जांच एजेन्सी को निर्णय से करायेगा। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.