MP karmchari news- परिविक्षाधीन तृतीय चतुर्थ श्रेणी को पूरा वेतन देने की सिफारिश

भोपाल
। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के चेयरमैन (राज्यमंत्री दर्जा) रमेश चंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के परिविक्षाधीन शासकीय कर्मचारियों को पहले की तरह पूरा वेतन देने की सिफारिश की है। 

रमेश चंद शर्मा ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम अपने पत्र क्रमांक 98 दिनांक 20 मई 2022 में लिखा कि, हेमंत श्रीवास्तव, प्रदेश महामंत्री मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ का पत्र दिनांक 18/05/22 संलग्न है जिसमें उन्होंने शासकीय सेवा में सीधी भर्ती के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर चयन होने पर 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर नियुक्त कर्मचारियों को उस पद के वेतनमान के न्यूनतम का प्रथम वर्ष 70 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष में 80 प्रतिशत एवं तृतीय वर्ष में 90 प्रतिशत राशि स्टाईफंड के स्थान पर पूर्व की भांति परिवीक्षाधीन अवधि में मूल वेतन एवं भत्तों सहित प्रदान करने की मांग की गई है। 

यह आदेश मंत्रि-परिषद् आदेश आयटम क्रमांक 20 दिनांक 27 नवम्बर, 2019 में लिये गये निर्णय के पालन में जारी किये गये हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 01 फरवरी, 2021 द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति में संदर्भित पत्र के अनुसार 03 वर्ष तक परिवीक्षा अवधि में वेतन दिये जाने के निर्देश दिये गये हैं। 

पूर्व में नियुक्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सामान्यतः 02 वर्ष कालावधि के लिये परिवीक्षा अवधि पर नियुक्त कर महंगाई भत्ते को छोड़कर समस्त सुविधायें प्रदान की जाती रही हैं।

अनुरोध है कि शासकीय सेवा में सीधी भर्ती के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर चयन होने पर 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर पूर्ववत नियुक्ति आदेश जारी करने के निर्देश प्रदान करने की कृपा करें।