JABALPUR NEWS - 3 साल पुराने मामले में डॉक्टर और फार्मासिस्ट पर FIR

जबलपुर।
 नर्सिंगपुर के जिला अस्पताल में करीब तीन वर्ष पूर्व हुए दवा घोटाले के मामले में आज 10 मार्च को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर ने तत्कालीन सिविल सर्जन डा. विजय मिश्रा एवं फार्मासिस्ट अमित तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। प्रकोष्ठ भोपाल को मिली शिकायत में प्रकोष्ठ इकाई जबलपुर में पदस्थ निरीक्षक स्वर्णजीत सिंह धामी ने जांच की थी। जिसमें दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर करीब एक लाख 82 हजार 691 रुपये का गबन किया जाना पाया गया है।

जिला अस्पताल में करीब तीन वर्ष पूर्व 2019 में दवा घोटाला उजागर हुआ था। जिसमें तत्कालीन कलेक्टर दीपक सक्सेना ने फार्मासिस्ट अमित तिवारी को निलंबित किया था। घोटाले की जांच में सामने आया था कि फार्मासिस्ट अमित द्वारा जानबूझकर औषधि भंडार में बहुमूल्य दवाइयों को भंडारगृह से बाहर किया गया तथा रिकार्ड अद्यतन नहीं किया। उसके द्वारा 3 जनवरी तक का रिकार्ड ही अद्यतन किया गया। जांच में औषधि भंडार का रखरखाव अत्यंत खराब व बेतरतीब तरीके मिला था। साथ ही कलेक्टर को जो जांच रिपोर्ट पेश की गई थी उसमें भी तत्कालीन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई थी। तीन वर्ष पुराने मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा तत्कालीन सिविल सर्जन डा. विजय मिश्रा व फार्मासिस्ट अमित तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज होने से स्वास्थ्य विभाग में फिर हड़कंप की स्थिति बन गई है। 

अस्पताल का दवा घोटाला कई महीनों तक सुर्खियों में रहा था। लेकिन बाद में इसकी जांच और कार्रवाई की फाइलें ठंडे बस्ते में चली गईं। जिसमें यह भी ठीक से उजागर नहीं हो सका कि आखिर इस खेल में कौन-कौन शामिल था और स्टोर से गायब होकर दवाइयां कहां भेजी गईं थीं। घोटाले की प्रथम द्ष्टया जांच में तो करीब पांच लाख रुपये से ज्यादा कीमती की दवाइयां गायब होने का अनुमान जताया गया था।

दवा घोटाला सामने के बाद जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपित फार्मासिस्ट अमित की मूल पद स्थापना सालीचौका स्वास्थ्य केंद्र में थी। लेकिन वह नियम विरूद्ध तरीके से जिला अस्पताल में अटैच होकर स्टोर प्रभारी बना था। जिसकी शिकायतें सामने आने के बाद सीएमएचओ ने उसे सालीचौका के लिए रिलीव करने आदेश भी दिए थे लेकिन सिविल सर्जन उसे प्रभारी बनाए रहे और करीब दो वर्ष तक वह यहां कार्य करता रहा।

जिला अस्पताल नरसिंहपुर के दवा घोटाले की जांच में तत्कालीन सिविल सर्जन डा. विजय मिश्रा व फार्मासिस्ट अमित तिवारी पर एफआइआर दर्ज कर ली है। प्रकोष्ठ को शिकायत देर से मिली थी। दोनों के द्वारा 21 जनवरी 2019 के पूर्व आपराधिक षडयंत्र रचकर बिना किसी वैध दस्तावेजों के भंडारगृह से 1 लाख 82 हजार 691 रुपये की दवाइयों का गबन करना पाया गया है। मामला अभी विवेचना में है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.
स्वर्णजीत सिंह धामी, निरीक्षक आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर