क्या है मोटर व्हीकल (संशोधित) एक्ट, 2019 के महत्वपूर्ण नियम, जानिए- Legal Genral Knowledge

मोटर वाहन अधिनियम बहुत पुराना अधिनियम है। यह अधिनियम ब्रटिश सरकार द्वारा वर्ष 1914 में बनाया गया था एवं 1939 में ब्रटिश सरकार ने इसे पुनः संशोधित किया। लेकिन भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई 1988 में इसे पुनः लागू किया गया एवं अक्टूबर 1988 को इसे सम्पूर्ण भारत में पारित कर दिया गया। 

इस अधिनियम में कुल- 14 अध्याय, 217 मूल धाराएं एवं 2 अनुसूचिया (i यातायात अनुसूची, ii.मुआवजा अनुसूची)  हैं। वर्ष 2019 में इस अधिनियम में कुछ संशोधन केंद्रीय सरकार द्वारा किया गया आज के लेख में हम कुछ महत्वपूर्ण धाराओं की जानकारी देंगे जिनमे  मोटर वाहन अधिनियम की धाराओ में संशोधन किया गया है जानिए।

• 134(A):- अगर कोई व्यक्ति की सार्वजनिक स्थान पर कोई दुर्घटना होती है तब दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल पहुचाने वाले व्यक्ति पर किसी भी प्रकार का सिविल/आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।

• धारा 161:- किसी भी वाहन द्वारा टक्कर मारने का प्रतिकर बढ़ा दिया गया पहले 25 हजार था अब 2 लाख रुपए एवं गंभीर चोट होने की दशा में पहले 12 हजार था अब 50 हजार रुपए दिया जाएगा। प्रतिकर के लिए अब 6 माह के भीतर मांग की जाएगी【संशोधित धारा 166(3)】। 

• धारा 177 :- किसी भी प्रकार के यातायात नियमों के उल्लंघन करने पर पहली बार मे 500 दण्ड एवं  दूसरी बार में 1000 रुपए दण्ड का प्रावधान किया गया।

• धारा 178:- किसी भी यात्री वाहन में बिना टिकिट यात्रा करने पर 500 रुए जुर्माना।

• धारा 180:- एक्ट की धारा 3 एवं चार के उल्लंघन पर पहले एक हजार रुपए जुर्माना या कारावास या दोनों से दण्डित करना था, अब जुर्माने की रकम को 5000 रुपये कर दिया गया है।【(धारा-3:- बिना डीजल,पेट्रोल के वाहन चलाना अर्थात गैस सिलेंडर द्वारा वाहन चलाने पर), (धारा 4:-नाबालिग लड़के/लड़कियों को वाहन चलाने को देना)】

नोट:- संशोधित अधिनियम के अनुसार धारा 180 में वाहन देने वाले को एवं धारा 181 में वाहन चलाने वाले को दंडित किया जाएगा।

• धारा 183:- यह धारा 112 के उल्लंघन पर दण्डित करती है अर्थात तेज गति से वाहन चलाना, निराहित स्थान पर चलाना आदि पहले 400 एवं दूसरी बार मे एक हजार था, अब  छोटे वाहन पर एक हजार रुपए एवं बड़े वाहन पर दो हजार रुपए। अब जो व्यक्ति या यात्री वाहन को तेज चलाने की बोलेगा उस पर भी 300 से 500 तक का जुर्माना लिया जाएगा।

• धारा 184 :- लापरवाही से वाहन चलाने पर पहले 6 माह कारावास या जुर्माना या दोनो था अब जुर्माना पाँच हजार रुपए कर दिया गया है।

• धारा 185 :- नशे में वाहन चलाने पर पहले दो हजार रुपए से तीन हजार रुपए जुर्माना था एवं छः से दो वर्ष की कारावास या दोनो लेकिन अब जुर्माने दस हजार होगा।

• धारा 186:- शारिरिक या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को वाहन चलाने पर पहले 200 से 500 रुपए जुर्माना था, अब यह जुर्माना दस हजार रुपए हो गया है।

• धारा 189:- राज्य सरकार की अनुमति बगैर सार्वजनिक स्थान या सड़क पर वाहन की रेस करने पर एक माह की कारावास या साधारण  जुर्माना था अब जुर्माना पाँच हजार रुपए कर दिया गया है।

• धारा 190:- खतरनाक वाहन या असुरक्षित(खराब वाहन) को सार्वजनिक स्थान या सड़क पर चलाने पर 250 रुए जुर्माना अगर उस वाहन से दुर्घटना हो जाए तब 3 माह कारावास एवं एक हजार रुपए जुर्माना था अब जुर्माना को बड़ा कर दस हज़ार रुपये कर दिया गया है।

• धारा 192:- धारा 39 के उल्लंघन अर्थात बिना पंजीकरण वाहन चलाने पर पहली बार में 5000 रुपए एवं दूसरी बार मे दस हजार रुपए या 1 वर्ष की कारावास या दोनो।

• धारा 192(A):- बिना परमिट के किसी भी सडक़ पर यात्री वाहन चलाने पर प्रथम बार में पाँच हजार रुपए एवं दूसरी बार में दस हजार रुपये या एक वर्ष की करावास या दोनो से दण्डित किया जाएगा।

• धारा 193 :- वर्तमान में टैक्सी एग्रीगेटर ऐप के माध्यम से ओला, उबर आदि को बिना राज्य सरकार के लाइसेंस के चलाने पर पच्चीस हजार से एक लाख तक का जुर्माना होगा, यह आईटी एक्ट 2000 का अनुपालन भी होगा।

• धारा  194 निर्धारित भार से अधिक भार वाहन में ले जाने पर
1.बाइक के लिए 100 रुपये स्थान पर 1000 रुपये।
2.माल-वाहन पर 2000 रुपये के स्थान पर बीस हजार रुपए जुर्माना।
3. यात्री वाहन पर शून्य के स्थान पर 1000 रुपये जुर्माना।
संशोधित धाराएं:-
• धारा 194 A:- वाहन में प्रतिव्यक्ति अधिक भार में 1000 रुपये।
• धारा 194 B:- सीट-वेल्ट न लगाने पर 1000 रुपये जुर्माना।
•धारा 194 C:- बाइक पर तीन सवारी या अधिक ले जाने पर 1000 रुपये जुर्माना के साथ तीन माह तक लाइसेंस रद्द किया जाना।
• धारा 194 D:- बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर 1000 रुपये जुर्माना एवं लाइसेंस तीन माह तक रद्द किया जाना।(नोट:- पगड़ी वाले सिक्खों को हेलमेट पहनने की आवश्यकता नहीं है)
• धारा 194 E:- इमरजेंसी वाहन, एम्बुलेंस आदि को रस्ता न देने पर दस हजार रुपये का जुर्माना।

• धारा 196:- बिना बीमा के गाड़ी चलाने पर तीन माह की कारावास या 1000 रुपये जुर्माना था अब जुर्माना 2000 हो गया है।

• धारा 199 A:- अभिभावक या माता पिता को जिम्मेदार ठहराया जाना:- अगर कोई नाबालिग लड़का या लड़की वाहन चलाते समय दुर्घटना कर देता है तब उसके माता पिता या अभिभावक जिम्मेदार होंगे इसके लिए 25 हजार रुपए जुर्माना या तीन वर्ष की कारावास या दोनो दे दण्डित किया जाएगा। साथ में वाहन पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।

• धारा 208:- यह धारा पुलिस अधिकारी एवं मजिस्ट्रेट को मोटर वाहन एक्ट के अंतर्गत मामले को निपटारा करने की शक्ति देती है।

• धारा 215 D:- यह धारा 2019 के संशोधन के बाद जोड़ी गई है इसके अंतर्गत एक सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन किया जाएगा।
【सरकार का इस अधिनियम का संशोधन करने का उद्देश्य यह हैं कि वाहन चालकों या खतरनाक वाहन द्वारा हो रही दुर्घटना को रोका जा सके।】:- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com


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