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MPPSC ने कहा: हाईकोर्ट ने मेंस परीक्षा पर कोई रोक नहीं लगाई है, मार्च में होगी

भोपाल।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा राज्य सेवा आयोग परीक्षा में आरक्षण विवाद पर एमपीपीएससी को जवाब प्रस्तुत करने के लिए 22 फरवरी 2021 तक का समय दिया है। इधर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा कहा गया है कि राज्य सेवा आयोग 2019 की प्रारंभिक परीक्षाओं के रिजल्ट स्थगित नहीं किए गए हैं। इसलिए मेंस एग्जाम निर्धारित समय पर होंगे। आयोग ने अपील की है कि जिन उम्मीदवारों ने अब तक मेंस एग्जाम के लिए अप्लाई नहीं किया है तत्काल कर दे।

MPPSC 2019 MAINS EXAM के लिए आदेश जारी

मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की तरफ से 2019 प्रीलिम्स का रिजल्ट स्थगित नहीं किया गया है। इसी मार्च में मेंस की परीक्षा भी आयोजित की जाएगी। इस संबंध में लोक सेवा आयोग ने आदेश जारी कर दिया है। जिसमें कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट की तरफ से स्थगन का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। मेंस एग्जाम के लिए ऑनलाइन आवेदन भी भरे जा रहे हैं। प्रीलिम्स परीक्षा में सफल जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे निर्धारित समय से पहले आवेदन कर दें। राज्य सेवा परीक्षा 2019 भर्ती का मेंस एग्जाम 21 मार्च से 26 मार्च को आयोजित किया जाएगा। 

MPPSC ने कहा: हाईकोर्ट के आदेश अनुसार ही रिजल्ट जारी हुआ है

आयोग की उपसचिव ने बताया कि एक फरवरी 2019 को इंदौर हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि रिजर्व कैटेगरी के अभ्यर्थियों को अनरिजर्व कैटेगरी में अंतिम चयन के बाद ही शामिल किया जा सकेगा। इसके अलावा आवेदक जिस कैटेगरी में आवेदन करेगा, उसका रिजल्ट उसी कैटेगरी में जारी किया जाएगा और आयोग ने इसी आदेश के तहत रिजल्ट जारी किया है।

MPPSC 2019 का आरक्षण विवाद क्या है

हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच गुरुवार को आरक्षण नियमों का पालन नहीं करने पर याचिकाओं की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि अगर राज्य सरकार और आयोग 22 फरवरी तक मामले में जवाब नहीं देगें तो परीक्षा पर रोक लगाई जा सकती है। 

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में दायर की गई 6 याचिकाओं द्वारा MP-PSC 2019 की प्रीलिम्स परीक्षा में आरक्षण नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया गया था। याचिका में कहा गया है कि प्रीलीम्स की परीक्षा में ST वर्ग को 20, SC को 16, OBC को 27 और EWS को 10 प्रतिशत, जबकि अनारक्षित वर्ग को 40 प्रतिशत आरक्षण दे दिया गया है. जिसकी वजह से आरक्षण कुल 113 प्रतिशत हो गया है।

मामले में 22 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

मामले की पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने पीएससी 2019 की भर्ती प्रक्रिया को अपने अंतिम निर्णय के अधीन कर लिया था। यही कारण है कि हाईकोर्ट ने मेंस परीक्षा से मामले के निराकरण के लिए कहा है। जिसके तहत राज्य सरकार और MP-PSC को जवाब देने के लिए 22 फरवरी तक की मोहलत दी गई है।

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