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MP NEWS: गांव-गांव तक शराब पहुंचाने मध्य प्रदेश में शासकीय कार्यवाही शुरू

भोपाल
। गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा की मंशा के अनुरूप मध्य प्रदेश के छोटे-छोटे गांव तक शराब पहुंचाने के लिए शिवराज सिंह चौहान सरकार ने कार्यवाही शुरू कर दी है। आबकारी आयुक्त राजीव चंद्र दुबे ने मध्य प्रदेश के सभी कलेक्टरों को नई दुकानों का प्रस्ताव भेजने के लिए पत्र लिख दिया है। यह और बात है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल ही कहा था कि इस मामले में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। 

डॉ नरोत्तम मिश्रा की मर्जी के मुताबिक बन रही है मध्य प्रदेश की नई शराब नीति

मध्य प्रदेश के आबकारी आयुक्त राजीव चंद्र दुबे ने गुरुवार देर शाम कलेक्टरों को पत्र भेजकर शराब की नई दुकानें खोलने के प्रस्ताव मांगे हैं। सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति के तहत पूरे प्रदेश में शराब की नई दुकानें खोली जानी है। गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा की मंशा के मुताबिक नीति में नई शराब की दुकानें खोलने का प्रावधान किया जा रहा है। नई नीति में शहरी क्षेत्र में वर्तमान दुकानों की संख्या में 20% की वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में 5000 की आबादी वाले गांव में नई शराब की दुकान प्रस्तावित है।

मध्य प्रदेश के गांव-गांव में शराब प्रस्ताव के 3 मुख्य बिंदु

1. पांच हजार से ज्यादा आबादी वाले उन गांवों में शराब की दुकान खोलने का प्रस्ताव अनिवार्य रूप से दिया जाए, जहां वर्तमान में कोई दुकान नहीं है। इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जाए।
2. इसके अलावा भी दूसरे क्षेत्रों में राजस्व की बढ़ोतरी और अपराध नियंत्रण की दृष्टि से दुकानें खोलने का प्रस्ताव दिया जा सकता है।
3. शहरी क्षेत्रों में भी राजस्व बढ़ाने और अपराध के नियंत्रण की दृष्टि से नई दुकानों का प्रस्ताव दिया जा सकता है। इसके लिए विकसित किए गए उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाए, जहां वर्तमान में दुकान नहीं है। 

मुख्यमंत्री के बयान और शासन स्तर पर कार्यवाही दो अलग-अलग बात 

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान और शासन स्तर पर कार्यवाही दो अलग-अलग बातें होती हैं। शिवराज सिंह चौहान के बयान और घोषणाओं को शासन स्तर पर गंभीरता से नहीं लिया जाता। सम्मान बनाए रखने के लिए कभी-कभी कुछ घोषणाओं को पूरा कर दिया जाता है। नई शराब की दुकान के मामले में ऐसा ही हो रहा है। गुरुवार को दोपहर में शिवराज सिंह चौहान का बयान आया था कि इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया गया है और शाम को आबकारी कमिश्नर ने कलेक्टरों को चिट्ठी लिखकर प्रस्ताव मंगवा लिए।

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