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कमलनाथ एंड कंपनी सोनिया गांधी का अध्यक्ष पद बचाने में नाकाम, राहुल गांधी का नाम फिर से आगे - NATIONAL NEWS

नई दिल्ली।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पी चिदंबरम, और बुजुर्गों कांग्रेस नेताओं की टीम सोनिया गांधी को अध्यक्ष पद पर बनाए रखने में नाकाम होते नजर आ रहे हैं। दस जनपथ स्थित सोनिया गांधी के घर पर G-23 नेताओं के साथ बातचीत के बाद जब सोनिया गांधी के नाम पर सहमति नहीं बनी तो राहुल गांधी का नाम आगे बढ़ा दिया गया। कांग्रेस के बुजुर्ग नेताओं की टीम चाहती थी कि सोनिया गांधी आजीवन कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष बनी रहें।

5 घंटे तक चली मीटिंग, सोनिया गांधी की पूरी टीम मौजूद थी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने बताया कि पार्टी के 20 नेताओं ने करीब करीब 5 घंटे तक बैठक की। पार्टी की मजबूती के लिए सभी नेताओं ने अपनी बात रखी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एके एंटनी, अंबिका सोनी, अशोक गहलोत, पी चिदंबरम, कमलनाथ और हरीश रावत की मौजूदगी में पत्र लिखने वाले नेताओं की सोनिया से मुलाकात हुई।

G23 गुट की तरफ से करीब आधा दर्जन प्रमुख नेता मौजूद थे

सोनिया गांधी के साथ बैठक के बाद पृथ्वीराज चौहान ने कहा, 'हमने पार्टी के भविष्य पर चर्चा की। यह एक रचनात्मक बैठक थी जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की वर्तमान स्थिति और इसे मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।' सोनिया के आवास 10 जनपथ पर चल रही इस बैठक में गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, शशि थरूर और कई अन्य नेता शामिल हैं. ये नेता पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल थे। 

एक बार फिर राहुल गांधी का नाम आगे बढ़ाया

सूत्रों का यह भी कहना है कि इन नेताओं की सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सुलह की गुंजाइश बढ़ सकती है। इस बैठक से एक दिन पहले शुक्रवार को पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के 99.99 फीसदी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की भावना है कि राहुल गांधी एक बार फिर से पार्टी का नेतृत्व करें। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी 2019 का लोकसभा चुनाव शर्मनाक तरीके से हार गई थी। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी वहां से भी कांग्रेस को अच्छे परिणाम नहीं मिले। इसके बाद राहुल गांधी ने कमलनाथ, अशोक गहलोत और पी चिदंबरम आदि से नाराज होकर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

23 नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा था 

उल्लेखनीय है कि गत अगस्त महीने में गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और कपिल सिब्बल समेत कांग्रेस के 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी के लिए सक्रिय अध्यक्ष होने और व्यापक संगठनात्मक बदलाव करने की मांग की थी। इसे कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व और खासकर गांधी परिवार को चुनौती दिए जाने के तौर पर लिया। कई नेताओं ने गुलाम नबी आजाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

बिहार चुनाव के बाद भी पार्टी के नेतृत्व पर उठी थी आवाज

बिहार विधानसभा चुनाव और कुछ प्रदेशों के उप चुनावों में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भी, आजाद और सिब्बल ने पार्टी की कार्यशैली की खुलकर आलोचना की थी और इसमें व्यापक बदलाव की मांग की थी। इसके बाद वे फिर से कांग्रेस के कई नेताओं के निशाने पर आ गए।

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