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कमलनाथ सरकार में काला धन किन-किन नेताओं तक पहुंचा, लिस्ट पढ़िए जो हवाला कारोबारी के यहां से मिली - MP NEWS

भोपाल।
शिवराज सिंह सरकार के पावर पॉइंट ने मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक भास्कर के माध्यम से आयकर विभाग की गवर्निंग संस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBGT) की उस रिपोर्ट के कुछ पेज सार्वजनिक किए हैं, जो चुनाव आयोग दिल्ली से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश होती हुई सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय भोपाल तक पहुंची है। कमलनाथ सरकार के समय मध्य प्रदेश से चुनाव के लिए अवैध चंदा वसूली और काले धन के वितरण की एक लिस्ट सार्वजनिक हुई है। इस लिस्ट में कांग्रेस पार्टी के द्रोणाचार्य दिग्विजय सिंह से लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सर्वस्व समर्पित कर देने की सौगंध उठाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के कई बफादारों के नाम शामिल हैं।

मध्य प्रदेश के इन नेताओं तक हवाला के जरिए कालाधन पहुंचा

अजय सिंह, कंप्यूटर बाबा, शाद अहमदाबाद, योगेश राठौर, रणदीप सुरजेवाला, दिग्विजय सिंह, अभिषेक मिश्रा, फुंदेलाल मार्को, विजय राघवेंद्र सिंह, ओमकार सिंह मरकाम, नारायण पट्‌टा, योगेंद्र बाबा, डॉ. असोक मर्सकोले, अर्जुन काकोदिया, संजय उइके, ब्रह्मा भलावी, भूपेंद्र मरावी, सज्जन सिंह, बाबू जंडेल, बैजनाथ कुशवाहा, प्रवीण पाठक, घनश्याम सिंह, गोपाल सिंह चौहान, तनवर लोधी, नीरज दीक्षित, विक्रम सिंह नातीराजा, शिवदयाल बागरी, सिद्धार्थ कुशवाहा, संजय यादव, शशांक भार्गव, आरिफ मसूद, गोवर्धन सिंह दांगी, बापू सिंह तोमर, महेश परमार, राजेश कुमार (सपा), राणा विक्रम सिंह, देवेंद्र पटेल, रामलाल मालवीय, मुरली मोरवाल, झूमा सोलंकी, सचिन बिड़ला, रवि रमेशचंद्र जोशी, केदार चिड़ाभाई डावर, ग्यारसीलाल रावत, चंद्रभागा किराड़े, मुकेश रावत पटेल, कलावती भूरिया, वीरसिंह भूरिया, वाल सिंह मेढ़ा, प्रताप ग्रेवाल, पांचीलाल मेढ़ा, हर्ष विजय सिंह गेहलोत, आरकेएम, मीनाक्षी नटराजन, कमल मरावी, प्रमिला सिंह, मधु भगत, देवाशीष जरारिया, शशि कर्णावत, शैलेंद्र सिंह दीवान, कविता नातीराजा, मुकेश श्रीवास्तव, ब्रजेश पटेल, बिरला लोधा आदि।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस से भाजपा में गए नेता

बिसाहूलाल सिंह, प्रद्युम्न सिंह तोमर, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, एदल सिंह कंसाना, गिर्राज दंडोतिया, रणवीर जाटव, कमलेश जाटव, रक्षा संतराम सिरोनिया, प्रद्युम्न लोधी, राहुल लोधी, नारायण सिंह पटेल, सुमित्रा देवी कास्देकर एवं मनोज चौधरी। बसपा के रामबाई और संजीव सिंह कुशवाह (भाजपा के साथ) हैं।
विशेष नोट:- लेन-देन का ये सारा हिसाब 2018 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान हुआ।

आईपीएस अधिकारियों के नाम के आगे 25-25 लाख रुपए

कमलनाथ सरकार के समय पड़े आयकर छापों के दस्तावेजों में लेन-देन करने वाले बड़े चेहरों का खुलासा हुआ है। तीन आईपीएस अधिकारियों सुशोभन बैनर्जी, संजय माने, बी मधुकुमार के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, बिसाहूलाल सिंह, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, प्रद्युम्न सिंह तोमर, सज्जन सिंह वर्मा के साथ 50 से अधिक वर्तमान विधायकों व नेताओं के नाम हैं। आईपीएस अधिकारियों के नाम के आगे 25-25 लाख रुपए की राशि का जिक्र है।

शिवराज सिंह सरकार फाइल को दबा नहीं पाएगी

मध्य प्रदेश के मंत्रालय में आ चुकी आयकर विभाग की गवर्निंग संस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBGT) की रिपोर्ट का अध्ययन शीर्ष स्तर पर शुरू हो गया है। सूत्रों का कहना है कि सरकार इस मामले को ज्यादा समय तक टाल नहीं पाएगी। पूरा केस EOW को सोचना पड़ेगा। विधि विभाग से परीक्षण कराने के नाम पर कुछ समय तक FIR दर्द होने से रोकी जा सकती है।

कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय में भेजा गया था कालाधन

आयकर विभाग की इनवेस्टिगेशन विंग के दस्तावेज बताते हैं कि कांग्रेस के दिल्ली स्थिति दफ्तर भी पैसे भेजे जाने का जिक्र है। हवाला कारोबारी ललित चालानी के लैपटॉप से भी चौंकाने वाली एंट्री मिली है। जिन लोगों के यहां आयकर विभाग की कार्रवाई हुई थी, इसमें कमलनाथ के करीबी प्रवीण कक्कड़, राजेंद्र मिगलानी और रिश्तेदार रतुल पुरी की कंपनी के साथ अश्विनी शर्मा, ललित चेलानी के साथ प्रतीक जोशी शामिल रहे।

दिग्विजय सिंह को लोकसभा चुनाव के लिए 90 लाख रुपए

ललित चेलानी के यहां करीब दो करोड़ (1.9 करोड़) और प्रतीक जोशी के यहां साढ़े दस करोड़ (10.33 करोड़) रुपए सीज हुए। दिग्विजय सिंह को 90 दिए जाने का जिक्र है। आयकर विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दिग्विजय सिंह भोपाल से प्रत्याशी हैं और दी गई रकम चुनाव आयोग की खर्च सीमा से अधिक है। 

चुनाव के लिए 287 करोड़ का कलेक्शन किया था, 130 करोड़ रुपए खर्च किए

ललित चेलानी के लैपटॉप की एंट्री में बताया गया कि कुल 287.05 करोड़ का कलेक्शन हुआ, जिसमें से 130.47 करोड़ रुपए खर्च हुए। इसमें यह भी लिखा था कि 156.98 करोड़ अभी भी उनके पास हैं। 

सबका खुलासा होगा, कोई नहीं बचेगा: गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा

प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अप्रेजल रिपोर्ट आ गई है। इसी के बाद तो छिंदवाड़ा में कमलनाथ ने कहा कि उन्हें संयास लेना है। दरअसल इसमें सबके नाम हैं, जिनका खुलासा होगा। दोषी कोई भी हो, नहीं बचेगा। 

सरगना का नाम आना अभी बाकी है: गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा

अब कार्रवाई में कोई संशय नहीं है। सीबीडीटी की रिपोर्ट और चुनाव आयोग ने सब स्पष्ट कर दिया है। मप्र में कानून का राज है। जो नाम सामने आए हैं, ये तो मोहरे हैं, सरगना अभी बाकी है। दरअसल मप्र में ओवर ईटिंग हो गई थी। कुपोषण में बच्चों का पैसा खाया गया और दिल्ली राहुल को भेजा गया। सदी के सबसे भ्रष्टतम मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ और उनकी सरकार।

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