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मप्र का पहला कोरोना टीका लगवाने वाला शिक्षक बीमार, पीपुल्स मेडिकल कोविड की जांच नहीं कर रहा - MP NEWS

भोपाल।
भोपाल के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में COVAXIN का ट्रायल चल रहा है। मध्यप्रदेश का पहला टीका जिस शिक्षक ने लगवाया था, 8 दिसम्बर से उनकी तबीयत खराब है। चौंकाने वाली बात यह है कि पीपुल्स मेडिकल कॉलेज, मध्यप्रदेश का पहला कोविड टीका लगवाने वाले वॉलंटियर टीचर की चिंता तक नहीं कर रहा है। वह 15 दिन से सर्दी-खांसी से पीड़ित हैं। 2 बार अस्पताल जा चुके हैं लेकिन पीपुल्स मेडिकल कॉलेज उनकी कोरोना जांच नहीं कर रहा है। डीन का कहना है कि लक्षण नहीं होंगे तो जांच नहीं कराई होगी। इलाज करने वाले डॉ. संजय टंडन का कहना है कि मुझे कुछ याद नहीं है। 

8 दिसम्बर को तत्काल पीपुल्स मेडिकल कॉलेज पहुंच गए थे

ICMR और भारत बायोटेक की COVAXIN के ट्रायल का पहला टीका लगवाने वाले टीचर संतोष ने बताया कि उन्होंने 27 नवम्बर को टीका लगवाया था। उन्हें 8 दिसंबर से सर्दी-खांसी की शिकायत है। उसी दिन पीपुल्स मेडिकल कॉलेज जाकर समस्या बताई थी। इस दौरान सामान्य डॉक्टर ने उन्हें सर्दी की 2 दिन की दवा दी थी, लेकिन उनकी दवाओं से आराम नहीं मिला। 

14 दिसम्बर को डॉ. संजय टंडन से टेस्ट कराने बोला, लेकिन उन्होंने सैंपल नहीं लिया

संतोष ने बताया कि 14 दिसंबर को वह फिर से अस्पताल गए, जहां पल्मोनरी विशेषज्ञ डॉक्टर संजय टंडन ने देखा। उन्होंने भी 10 दिन की दवा देकर कहा कि परेशानी की बात नहीं है, एक-दो दिन में आराम मिल जाएगा। हालांकि इस दौरान संतोष ने डॉक्टर से कोविड टेस्ट कराने की मांग की, लेकिन उन्हें यह समझा दिया गया कि उन्हें लक्षण नहीं हैं। घर जाकर आराम करें, लेकिन उन्हें अब तक राहत नहीं मिली है। वह बुधवार को फिर से सर्दी-जुकाम की जांच कराने पीपुल्स मेडिकल कॉलेज जा रहे हैं।

पहले डोज के बाद RT-PCR टेस्ट में निगेटिव बताया था 

बता दें, संतोष वही वॉलंटियर हैं, जिसे COVAXIN के थर्ड फेज के ट्रायल में मध्य प्रदेश में पहला टीका लगा था। संतोष ने टीका लगवाने के बाद गर्व से कहा था कि उनके इस कदम से लाखों लोगों का भला होगा। वैक्सीन का पहला डोज लगने से पहले उनका RT-PCR टेस्ट किया गया, लेकिन उस समय टेस्ट निगेटिव आया था।

COVAXIN के टीके पर सवाल क्यों

COVAXIN का ट्रायल टीका लगवाने के बाद हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद देशभर में चर्चा छिड़ गई थी कि भारत बायोटेक की वैक्सीन के साइड इफेक्ट आ रहे हैं क्या? बाद में भारत बायोटक को इस पर सफाई देनी पड़ी थी।

25 दिसंबर को दूसरा डोज लगना है

संतोष को 28 दिन बाद दूसरा डोज 25 दिसंबर को दिया जाएगा। ट्रायल का दूसरा चरण इसी दिन से शुरू होगा। वैक्सीन का पहला डोज लगने के बाद संतोष घर बाइक से गए थे। उन्हें 10 दिन तक परेशानी नहीं हुई थी। बता दें कि पहले दिन 7 वॉलंटियर्स को ही टीका लगा था। हालांकि इसके बाद संख्या बढ़ती रही।

मुझे किसी वॉलंटियर के बीमार होने की जानकारी नहीं है: डीन

पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अनिल दीक्षित ने कहा कि मुझे किसी वॉलंटियर के बीमार होने की जानकारी नहीं है। ऐसी बात है, तो मैं कल उन्हें देखने वाले डॉक्टर संजय टंडन से बात करूंगा। जहां तक कोरोना टेस्ट कराने की बात है, तो उन्हें ऐसा लक्षण रहा नहीं होगा। डॉ. दीक्षित ने जोर देकर कहा कि अब तक जिन वॉलंटियर्स को डोज दिया गया है, उनमें किसी के बीमार होने या साइड इफेक्ट का फीडबैक नहीं मिला है। 

टीचर संतोष के बारे में मुझे याद नहीं है: डॉ. संजय टंडन

टीचर का इलाज करने वाले डॉ. संजय टंडन ने बताया कि 10 दिनों तक कोरोना के लक्षण नहीं आते हैं। जांच में निगेटिव भी आता है, लेकिन जिस मरीज के बारे में आप पूछ रहे हैं, उसकी मुझे याद नहीं है। अगर मैंने उसका इलाज किया होगा, तो जांच भी कराई होगी।

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