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DIG और SP वन माफिया की बस्ती को दूर से ही देखकर लौट गए / शर्मसार सरकार - MP NEWS

इंदौर
। किसी भी शासन व्यवस्था के लिए इससे ज्यादा शर्मसार होने वाली बात क्या हो सकती है कि माफिया जंगल पर कब्जा किए बैठा है, कार्यवाही करने गए 250 कर्मचारियों पर हमला किया, एक वनरक्षक को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा और अब तक कोई प्रभावी जवाबी कार्रवाई नहीं हुई है। रविवार की दोपहर DIG और SP जिला मुख्यालय से निकले तो उम्मीद थी कि बड़ी कार्रवाई होगी परंतु दोनों ने दूर से ही 1 माफिया की बस्ती को देखा और वापस लौट गए।

मामला मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील के घाघरला जंगल का है। यहां वन माफिया ने अपनी बस्ती बता रखी है। शनिवार को जब वन विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग के 250 कर्मचारी अतिक्रमण हटवाने के लिए गए तो उन पर हमला कर दिया गया। एसडीएम खड़े-खड़े देखते रहे, हवाई फायर तक के आदेश नहीं दिए। नतीजा हाथ में बंधु के लिए पुलिस वन माफिया के गुर्गों से पिटती रही।

जिस रास्ते से प्रशासनिक टीम आई थी, माफिया ने वो रास्ता ही बंद कर दिया

माफिया ने जंगल के अंदर पहुंचने के तीसरे रास्ते पर भी 50 से ज्यादा पेड़ काट कर पटके। कई जगह बड़े-बड़े पत्थर हैं। अपने वाहन दूर खड़े कर पेड़-पत्थरों को लांघते खरगोन रेंज डीआईजी तिलक सिंह और एसपी राहुल कुमार लोढा जंगल के अंदर तक पहुंचे। अतिक्रमणकारियों की दबंगई देखिए कि जिस रास्ते से शनिवार को अमला कार्रवाई करने गया था उसे पेड़ और पत्थर पटककर बंद कर दिया। 

DIG और SP मात्र 15 मिनट रुके, दूर से देखा और वापस लौट गए

दोनों अफसर यहां बमुश्किल 15 मिनट रुके। दूर से ही टेकरी पर बनी अतिक्रमणकारियों की टपरियां देखी और लौट गए। उधर घाघरला में ग्रामीण अफसरों के आने का इंतजार कर रहे थे। ग्रामीणों ने डीआईजी और एसपी से कहा अतिक्रमणकारी हमें धमकी दे रहे हैं। एक ग्रामीण बोला दो दिन पहले ही मुझे धमकाया कि यह दीवाली और अगली दीवाली मना लो, फिर बताएंगे कि तुम जंगल बचाने के लिए कितने आगे आते हो। एक महिला ने कहा हम अकेले कहीं नहीं जा सकतीं।

वनरक्षक को बंधक बनाकर दो घंटे टॉर्चर किया

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार हमले के दौरान अतिक्रमणकारियों ने एक वनरक्षक को बंधक बना लिया था। दो घंटे तक उसे टॉर्चर किया। बाद में उसकी बंदूक छीन ली और भाग निकले। पूरी टीम मौके से वापस आई तो पता चला एक वनकर्मी नहीं है। इसके बाद कुछ लोग दोबारा घटनास्थल के पास पहुंचे तो वहां वनरक्षक जख्मी मिला लेकिन उसे बंधक बनाने की बात की किसी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है।

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