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अगर पुलिस FIR नहीं लिख रही तो क्या करना चाहिए / ABOUT IPC

आज हम आपको बहुत महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। अक्सर आम लोगों के साथ ऐसा होता हैं कि हम या हमारे परिचित कोई शिकायत लेकर पुलिस थाने जाते हैं और उनकी शिकायत दर्ज नहीं की जाती। यानी एफआईआर नहीं लिखी जाती। ऐसे में आम लोगों को न्याय नहीं मिल पाता क्योंकि उन्हें जानकारी नहीं होती की आगे क्या करना है। इसी कारण आज हमारे देश में बहुत से लोगों को आज तक न्याय नहीं मिल पा रहा है। आज हम अपने लेख में बताएंगे कि अगर पुलिस थाने में आपकी शिकायत या FIR दर्ज नहीं होती तो आगे क्या करना है। कैसे अपनी FIR और शिकायत दर्ज करवाएं।

सबसे पहले यह समझिए कि अपराध कितने प्रकार के होते हैं। अपराध दो तरह के होते हैं,1.संज्ञये एवं 2. असंज्ञेय अपराध।
(1). संज्ञये अपराध:- दण्ड प्रक्रिया संहिता,1973 की धारा 154 के अनुसार वे अपराध जो गंभीर होते है एवं पुलिस अधिकारी बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती हैं,इन मामलों में पुलिस को FIR लिखना ही पड़ता हैं। जैसे:- हत्या, बलात्कार, डकैती, लूट आदि।
2.असंज्ञेय अपराध:-  वे अपराध जो गंभीर नहीं होते हैं, CRPC की धारा 155(2) के अनुसार पुलिस बिना वारंट के असंज्ञेय अपराध में किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकती न ही FIR दर्ज कर सकती हैं। असंज्ञेय अपराध की शिकायत को पुलिस अपने एन.सी.आर (NCR) रजिस्टर में लिखेंगी एवं असंज्ञेय अपराध में मजिस्ट्रेट शिकायत दर्ज करते हैं।

अगर गंभीर अपराध की FIR थाने में दर्ज न कि जाए तब क्या करें:-

अगर ऐसा होता हैं कि गम्भीर (संज्ञये) अपराध की शिकायत या FIR पुलिस थाने में नहीं लिखी जा रही है तब आप :-
1. संबंधित थाना प्रभारी के वरिष्ठ अधिकारी से शिकायत कर सकते हैं।
2.दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 156 (3) के अंतर्गत क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट के पास जा सकते हैं। मजिस्ट्रेट धारा 190 जांच के आदेश दे सकते हैं।
3. आप सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार धारा 482 के तहत हाईकोर्ट में FIR दर्ज करने की अपील दायर कर सकते हैं। कोर्ट FIR नहीं लिखने वाले संबंधित अधिकारी के खिलाफ संज्ञान ले सकता है एवं उसके खिलाफ कार्यवाही के निर्देश जारी कर सकता है।

क्या गंभीर (संज्ञये) अपराध शिकायत या FIR किसी भी पुलिस थाने में की जा सकती हैं:

जी हाँ। अक्सर ऐसा होता हैं कि कही कोई हत्या या बलात्कार या कोई अन्य गंभीर अपराध अचानक हो गया हो तो इसकी शिकायत आप किसी भी नजदीकी पुलिस थाने में कर सकते हैं। पुलिस अधिकारी ऐसी घटना का तुरंत संज्ञान लेगी। पुलिस द्वारा लिखी गई ऐसी FIR का क्रमांक 0 हिंदी में जीरो (Zero) होता है। इसे जीरो पर दर्ज की गई एफआईआर कहा जाता है। 
बी. आर.अहिरवार होशंगाबाद(पत्रकार एवं लॉ छात्र) 9827737665


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