कोरोना के बाद हन्ता वायरस का चीन पर हमला एक की मौत, 32 संदिग्ध
       
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कोरोना के बाद हन्ता वायरस का चीन पर हमला एक की मौत, 32 संदिग्ध


नई दिल्ली: चीन के समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक पहले ही कोरोनावायरस से जूझ रहे चीन में एक और नए वायरस ने दस्तक दे दी है इस नए वायरस का नाम हंता वायरस बताया जा रहा है। खबर आ रही है कि हंता वायरस से एक शख्स की मौत हो चुकी है और 32 लोगों को संदिग्ध माना जा रहा है।


बताया जा रहा है कि काम करने के लिए चीन के शाडोंग प्रांत जा रहे युवक को एक बस में मृत पाया गया। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने इस घटना की जानकारी दी है। जांच में मृत व्‍यक्‍ति हंता वायरस से पॉजिटिव पाया गया था। इस खबर के बाद बस में सवार 32 अन्‍य लोगों की भी जांच की जा रही है।

कैसे फैलता है हंता वायरस 

  • हंता वायरस कोरोना की तरह घातक नहीं है। 
  • यह हवा या छूने से नहीं फैलता है, बल्कि चूहे या गिलहरी के संपर्क में आने से इंसानों में फैलता है। 
  • यदि कोई शख्स चूहों के मल, पेशाब आती छूता है और उसी हाथ से अपना नाक और मुंह को छूता है तो उसके हंता वायरस होने का खतरा रहता है। 
  • चूहों या गिलहरी के संपर्क में एक स्वस्थ्य व्यक्ति आता है तो वो भी इसका शिकार हो सकता है।

हंता संक्रमण के लक्षण

  • इस वायरस से संक्रमित होने पर इंसान को बुखार, पेट में दर्द, उल्‍टी, डायरिया, सिर दर्द और शरीर में दर्द आदि हो जाता है। 
  • संक्रमित व्यक्तियों के मरने का आंकड़ा 38 प्रतिशत है। 
  • अगर इलाज में देरी होती है तो संक्रमित इंसान के फेफड़े में पानी भी भर जाता है, उसे सांस लेने में परेशानी होती है। 

इसके पहले जनवरी 2019 में हंता से संक्रमित नौ लोगों की पेटागोनिया में मौत हो गई थी। इसके बाद पर्यटकों को आगाह भी किया गया था। तब के एक अनुमान के मुताबिक़, हंता वायरस से संक्रमित लोगों के 60 मामले सामने आए थे, जिनमें 50 को क्वारंटीन रखा गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस की तरह से हंता वायरस घातक नहीं है। कोरोना की तरह यह हवा के रास्‍ते नहीं फैलता है। यह चूहे या गिलहरी के संपर्क में इंसान के आने से फैलता है। सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, 'चूहों के घर के अंदर और बाहर करने से हंता वायरस के संक्रमण का खतरा रहता है। यहां तक कि अगर कोई स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति भी है और वह हंता वायरस के संपर्क में आता है तो उसके संक्रमित होने का खतरा रहता है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि हंता वायरस एक व्‍यक्ति से दूसरे व्‍यक्ति में नहीं जाता है, लेकिन कोई व्‍यक्ति चूहों के मल, पेशाब आदि को छूने के बाद अपनी आंख, नाक और मुंह को छूता है तो उसके हंता वायरस से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इस वायरस से संक्रमित होने पर इंसान को बुखार, सिर दर्द, शरीर में दर्द, पेट में दर्द, उल्‍टी, डायरिया आदि हो जाता है। इससे मरने वालों का आंकड़ा 38 प्रतिशत है।

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