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मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन आयोग का मामला फिर टल गया | MP NEWS

भोपाल समाचार


भोपाल। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने घोषणा की थी कि घोटाले वाले प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड को बंद करके अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी कर्मचारी चयन आयोग का गठन किया जाएगा। सरकार बनते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ दबाव में नजर आए। MPPEB को बंद करने की बात करने वाले कमलनाथ फिलहाल नाम तक बदलने से कतरा रहे हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री बाला बच्चन फाइल लिए तैयार बैठे हैं लेकिन मुख्यमंत्री कमलनाथ अचानक दिल्ली चले गए और मामला टल गया।

इस बार 20 नाम बदलेगा, काम नहीं 

मध्य प्रदेश में सरकार बनाने से पहले तक कांग्रेस दावा करती रही है कि व्यापम घोटाले का खुलासा कांग्रेस ने किया। कांग्रेस का दावा कितना सच है इसकी नापतोल बाद में कर लेंगे परंतु यह बात सौ प्रतिशत सही है कि व्यापम घोटाले का फायदा कांग्रेस को मिला। कांग्रेस ने वचन दिया था कि सरकार यदि बनी तो व्यापम जैसी संस्था को बंद कर दिया जाएगा। उसकी जगह राज्य कर्मचारी चयन आयोग का गठन किया जाएगा जैसा कि अन्य राज्यों में है लेकिन सत्ता में आने के बाद कमलनाथ सरकार भी वही कर रही है जो शिवराज सिंह सरकार ने किया था। शिवराज सिंह ने व्यवसायिक परीक्षा मंडल का नाम बदलकर प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड कर दिया था। कमलनाथ सरकार इसका नाम बदलकर राज्य कर्मचारी चयन आयोग करने जा रही है। 

ऐसा है आयोग गठन का प्रस्ताव

नाम बदलने के साथ ही आयोग का नए सिरे से गठन भी सरकार करेगी। जिसमें 31 सदस्य होंगे। इसमें 14 पदेन सदस्य, 11 मनोनीत और 7 बोर्ड के कार्यकारी सदस्य रहेंगे। कार्यकारी सदस्यों में अध्यक्ष, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, वित्त व चिकित्सा शिक्षा, आरजीपी कुलपति, डायरेक्टर पीईबी और तकनीकी शिक्षा होंगे। इसी तरह शासन 11 सदस्यों को मनोनीत करेगी। कुछ अधिकारियों को पदेन व कार्यकारी सदस्य की भूमिका निभानी होगी। इसके साथ ही इसमें दो विधायकों को भी सदस्य नियुक्त किया जा सकता है। आयोग के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे तो ऐसी स्थिति में किसी अन्य को उपाध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। यदि मुख्यमंत्री अध्यक्ष नहीं होंगे तो फिर इसमें किसी को अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा आयोग में तकनीकी शिक्षा मंत्री की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।

मुख्यमंत्री के दिल्ली से वापस आते ही मीटिंग में फैसला हो जाएगा

पीईबी का नाम बदलकर राज्य कर्मचारी चयन आयोग करने का फैसला हो चुका है। यह मामला वचन पत्र में शामिल था। लेकिन आयोग का स्वरूप कैसा होगा, इसे लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ बैठक होनी थी। लेकिन उनके दिल्ली जाने से बैठक टल गई। अब जब वे वापस आएंगे तो समय लेकर दोबारा मुलाकात कर आयोग के स्वरूप को अंतिम रूप दिया जाएगा।
- बाला बच्चन, तकनीकी शिक्षा मंत्री