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रिहाई के फर्जी आदेश बनाने वाला कोर्ट का क्लर्क गिरफ्तार, जेल जाएगा | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। फर्जी हस्ताक्षर कर बंदी को जेल से छुड़वाने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार करने वाले आरोपी बाबू को इंदरगंज थाना पुलिस ने गुना-शिवपुरी के रास्ते से दबोचा है। पकड़े गए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस उसे कोर्ट में प्रस्तुत करेगी एवं पूरी संभावना है कि कोर्ट उसे जेल भेज देगी। 

एएसपी सत्येन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि न्यायालय में पदस्थ प्रवर्तन लिपिक पंकज टैगोर ने वर्ष 2019 में जेल में सजा काट रहे एक बंदी रम्मो उर्फ रामवीर का फर्जी रिहाई आदेश बनाकर जेल से छुड़वाया था। इस मामले में जब न्यायालय द्वारा पेशी पर बुलाने के बाद भी जेल से आरोपी न्यायालय में पेश नहीं हुआ। तब पता चला कि न्यायालय के आदेश पर बंदी को रिहाई दी गई है। जब रिहाई आदेश की जांच की तो पता चला कि बाबू पंकज टेगौर ने कूटरचित दस्तावेज से उसकी रिहाई के आदेश बनाए थे। इसका पता चलते ही न्यायालय के आदेश पर आरोपी बाबू के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था और जब पुलिस उसे दबोचने पहुंची तो वह फरार हो गया।

बाबू के फरार होने का पता चलते ही इंदरगंज थाना पुलिस और साइबर सेल ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया और आरोपी को गुना-शिवपुरी के रास्ते में दबोच लिया। बताया गया है कि वर्ष 2019 में ही आरोपी बाबू द्वारा न्यायालय में एक लाख 21 हजार रुपए का गबन किया गया था। थाना प्रभारी पंकज त्यागी ने बताया कि आरोपी को पकडऩे एसआई नरेन्द्र स्वर्णकार, आरक्षक गिर्राज शर्मा, दया रावत, रवि पाठक और साइबर सेल में पदस्थ विश्ववीर जाट की सराहनीय भूमिका रही। 


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