अवैध खदान धंसी, 7 महिलाएं मलबे में दबीं, 3 की मौत, 4 घायल | MP NEWS
       
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अवैध खदान धंसी, 7 महिलाएं मलबे में दबीं, 3 की मौत, 4 घायल | MP NEWS

रामबिहारी पाण्डेय/सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के मझौली थाना के टिकरी ग्राम पंचायत की भुमका टोला गांव में संचालित मिट्टी की अवैध खदान धंस जाने से 3 महिलाओं की घटनास्थल पर ही मौत हो गई है जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गई है। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल सीधी भर्ती किया गया है। घटना गुरुवार की शाम 4 से 5 बजे के आसपास की बताई गई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सहित प्रशासनिक अमला स्थल पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल भेजा तो मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। 

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार टिकरी ग्राम पंचायत के मध्य प्रदेश शासन की आराजी क्रमांक 1570 रकबा 0.62 छुही निकल रही है। टिकरी सहित आसपास के गांव के नागरिक अपने जरूरत के लिए छुही मिट्टी निकाल कर ले जाते हैं। लंबे समय से छुही निकले जाने से खदान का रूप ले लिया है। गहराई में छुही होने के कारण ग्रामीण सुरंग बनाकर निकासी कर रहे थे। गुरुवार की शाम सीधी सिंगरौली जिले के ग्रामीण छुही निकाल रहे थे तभी खदान भरभरा कर बैठ गई जिसके मलबे में सात महिलाएं दब गई जिनमें तीन की मौत हो गई है चार गंभीर रूप से घायल हो गई। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। 

बताया गया है कि उर्मिला सिंह पति दद्दू सिंह उम्र 40 साल निवासी टिकरी रामबाई सिंह पति जयराम सिंह उम्र 35 साल निवासी भुमका बूटा या पति छोटेलाल उम्र 60 साल निवासी बेलगांव सिंगरौली की मौत हो गई है तो शशि कला साकेत पति रामखेलावन साकेत उम्र 35 साल निवासी टिकरी सुनीता पति आशीष साकेत उम्र 32 साल निवासी टिकारी शोभा सिंह पति राजबहादुर सिंह उम्र 28 साल निवासी भुमका अनीता केवट हरि भजन केवट उम्र 36 साल निवासी टिकरी को गंभीर चोटें आई हैं जिनका उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा है घटना की जानकारी होते ही मझौली प्रशासन सहित पुलिस के आला अधिकारी पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किए हैं।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष में जताया शोक
मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल टीकरी में हुई खदान हादसे में मौत पर दुख जाहिर करते हुए शोक संदेश भेजा है पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने लिखा है कि खदान हादसे में हुई मौत अत्यंत दुखद है मृत आत्मा की शांति के लिए जहां ईश्वर से कामना की है वही आश्रितों को दुख के शिक्षण को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।