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शिक्षा बजट 2020: हर जिले में मेडिकल कॉलेज खुलेगा, और क्या-क्या, पढ़िए

बजट 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने श‍िक्षा क्षेत्र के लिए वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 99300 करोड़ रुपये की घोषणा की है। ये राश‍ि बीते वित्त वर्ष  2019-20 से करीब पांच करोड़ रुपये अध‍िक है। बीते वित्त वर्ष 2019-20 में श‍िक्षा क्षेत्र को 94,853.64 करोड़ रुपये दिए गए थे।

150 नये उच्च श‍िक्षण संस्थान खोले जाएंगे 

बजट में कहा गया कि मार्च 2021 तक 150 उच्च शिक्षण संस्थान शुरू किए जाएंगे। इन संस्थानों में स्किल्ड प्रशिक्षण दिया जाएगा। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि क्वालिटी एजुकेशन के लिए डिग्री लेवल ऑनलाइन स्कीम शुरू होगी।

नेशनल पुलिस यूनिवर्सिटी खुलेगी

व‍ित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में नेशनल पुलिस यूनिवर्सिटी और नेशनल फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी बनाने और उसके लिए फंड देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों से साइबर फारेंसि‍क पढ़ाया जा सकेगा।

ऑनलाइन कोर्स पर जोर

निर्मला सीता रमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि अब ऑनलाइन डिग्री लेवल प्रोग्राम चलाए जाएंगे। जल्द ही सरकार नई शिक्षा नीति का ऐलान करेगी जिससे श‍िक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव आएंगे।

नगरीय निकायों में एक साल की इंटर्नश‍िप करेंगे युवा

वित्त मंत्री ने कहा - सरकार 150 उच्चश‍िक्षा संस्थानों के साथ अप्रेंटिस के संस्थान शुरू करेंगे। इसके अलावा सरकार एक प्रोग्राम शुरू करेगी जिसमें शहरी निकाय नये इंजीनियरों को एक साल के लिए इंटर्नशिप देगी ताकि इंटर्न भी सीख सकें और शहरी निकायों को भी कामकाज में मदद मिल सके।

डॉक्टरों के लिए ब्रिज प्रोग्राम, भारतीय छात्रों को विदेशों में शिक्षा

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार काम कर रही है, अब दुनिया के छात्रों को भारत में पढ़ने के लिए सुविधाएं दी जाएंगी। भारत के छात्रों को भी एशिया, अफ्रीका के देशों में भेजा जाएगा। राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। डॉक्टरों के लिए एक ब्रिज प्रोग्राम शुरू किया जाएगा, ताकि प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को प्रोफेशनल बातों के बारे में सिखाया जा सके।

जिला अस्पतालों में बनेंगे मेडिकल कॉलेज

वित्तमंत्री के अनुसार जिला अस्पतालों में मेडिकल कॉलेज बनाने की भी योजना है। उन्होंने डॉक्टरों की कमी का हवाला देते हुए कहा कि इस योजना से जिला अस्पतालों से डॉक्टर तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि देश में टीचर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ की भी जरूरत है। स्वास्थ्य और कौशल विकास मंत्रालय इसके लिए जल्द ही ब्रिज कोर्स शुरू होगा।