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इंदौर में विदेशी पर्यटकों से निशुल्क महाकाल भस्मारती दर्शन के लिए 13 हजार ठग लिए | INDORE NEWS

इंदौर। महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के होने वाली निशुल्क भस्मारती दर्शन के दलाल इंदौर से फैले हुए हैं। गुरुवार को हॉलैंड के छह श्रद्धालुओं से भस्मारती दर्शन के लिए 13 हजार रुपए ठग लिए। मृत पुरोहित गोपाल व्यास के नाम से भस्मारती अनुमति कराकर उन्हें दर्शन कराए। मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने पुरोहित व्यास के बेटे हिमांशु, उसके ठग साथी सुमित और मनोज जोशी के खिलाफ धोखाधड़ी और महाकाल अधिनियम के तहत केस दर्ज किया।

भारतीय मूल के कृष्णा शर्मा हालैंड के मेली सेंट स्ट्रीट जाेटेमीट में रहते हैं। वे वहां एडवाइजर कंपनी के मैनेजर हैं। कुछ दिन पहले रिश्तेदार अंबालिका, कीर्ति, धर्मावती, कृष्णा देवी और नरेंद्र के साथ भारत की धार्मिक यात्रा पर आए। दिल्ली और हरिद्धार दर्शन के बाद इंदौर पहुंचे। यहां बुधवार को मल्हार हाेटल में ठहरे। हाेटल में सुमित नामक व्यक्ति ने उन्हें भस्म आरती दर्शन के बारे में बताया और 10 हजार रुपए ऐंठ लिए। कहा- उज्जैन में मनाेज जाेशी से मिल लेना। गुरुवार तड़के मंदिर पहुंचने पर मनोज जोशी से संपर्क किया। उसने तीन हजार रुपए लेकर गर्भगृह से भस्मारती दर्शन कराए। दर्शन के बाद मनोज ने 500 रुपए और मांगे। श्रद्धालुओं ने आपत्ति जताई कि वे ज्योतिर्लिंग को स्पर्श तक नहीं पाए। जल चढ़ाने का मौका भी नहीं मिला। दोनों पक्षों में विवाद बढ़ा तो मामला मंदिर प्रशासन तक पहुंचा। श्रद्धालुओं ने इसकी लिखित शिकायत की। महाकाल थाना पुलिस ने मामले में सुमित, हिमांशू व्यास और मनाेज जाेशी के खिलाफ केस दर्ज किया है।

चार महीने पहले हो चुका है पं.व्यास का निधन

पं. गोपाल व्यास का निधन चार महीने पहले हो चुका है लेकिन उनके नाम से अब भी भस्मारती परमिशन जारी हो रही है। श्रद्धालुओं की शिकायत के बाद भस्मारती प्रभारी मूलचंद जूनवाल ने मामले की जांच की। तीन घंटे बाद सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा- इंदाैर के हाेटल संचालक के संपंर्क में रहकर मृत पुराेहित के पुत्र हिंमाशु व्यास ने परमिशन कराई थी। जूनवाल ने बताया व्यास के निधन के बाद उनके नाम से भस्मअारती के लिए उनके पुत्र व प्रतिनिधि फार्म लेने अाते रहे हैं। पुराेहित के परिजन विकास व्यास ने गाेपाल व्यास के निधन की पुष्टि की।

पुजारी-पुराेहित व प्रतिनिधियाें काे आईडी कार्ड व ड्रेसकाेड में रहना हाेगा

मंदिर प्रशासक एसएस रावत ने पुजारी व पुराेहिताें की बैठक लेकर इस घटना की निंदा की। निर्देश दिए कि सभी पुजारी, पुराेहिताें व उनके प्रतिनिधियाें काे परिचय पत्र लगाकर व ड्रेसकाेड में रहना हाेगा। साथ ही ये चेतावनी भी दीकि कोई भी ऐसा कार्य न करें, जिससे मंदिर की छवि खराब हाे।