मध्यप्रदेश में हाइपरटेंशन और ट्रांस फैटी एसिड के मामले बढ़ हैं - VOICE
       
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मध्यप्रदेश में हाइपरटेंशन और ट्रांस फैटी एसिड के मामले बढ़ हैं - VOICE

भोपाल: कंजूमर वॉइस ऑर्गनाइजेशन की ओर से आज भोपाल में एक मीडिया डायलॉग आयोजित किया गया जिसमें कंजूमर वॉइस ऑर्गनाइजेशन के अधिकारी मौजूद थे मीडिया वार्ता का विषय मध्यप्रदेश में हाइपरटेंशन और ट्रांस फैटी एसिड से होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियां, तथा मध्यप्रदेश शासन की क्या तैयारियां हैं पर ध्यान आकर्षित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत में कंजूमर वॉइस एनजीओ के असीम सान्याल COO कंजूमर वॉइस ने हाइपरटेंशन मैनेजमेंट फॉर ट्रांस फैटी एसिड के बारे में बुनियादी जानकारियां दी और बताया कि भारत में इस समय इन दोनों ही विषयों पर क्या जानकारी और डाटा मौजूद है और इस विषय पर हम लोग आखिर कितने तैयार हैं। असीम सान्याल ने कहा कि वक्त का तकाजा है कि हमारा देश विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिप्लेस रणनीति की तर्ज पर वर्ष 2022 तक खाद्य प्रणाली से ट्रांस वसा को खत्म करने के लिए ठोस प्रयास करे। दिल्ली स्थित कंज्युमर वॉयस ट्रांस फैटी एसिड के स्वास्थ्य दुश्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

सुबह 4 से 9 बजे के बीच रक्तचाप में होने वाली वृद्धि खतरनाक 

कार्यक्रम में डॉ राजीव गुप्ता कार्डियोलॉजिस्ट गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल ने अपनी एक प्रस्तुति दी जिसमें यह बताया कि मध्य प्रदेश में इस समय इन बीमारियों को लेकर क्या स्थिति है उन्होंने अपनी प्रस्तुति में जिलेवार यह जानकारी प्रदान की ही हाइपरटेंशन से जुड़े मामले किस प्रकार से पूरे प्रदेश में अपने पांव पसारते जा रहे हैं। उन्होंने कहा यदि लोग अपने खान-पान की आदतों में और में बदलाव लॉकर ट्रांस फैटी एसिड से पैदा होने वाली बीमारियों और हाइपरटेंशन की शिकायत से बच सकते हैं। उच्च रक्तचाप मध्य प्रदेश में मृत्यु और विकलांगता के लिए प्रमुख जोखिम कारण में से एक है। रक्तचाप की रोकथाम और नियंत्रण के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुबह-सुबह रक्तचाप में होने वाली वृद्धि पर निगरानी रखना आवश्यक है, खासतौर पर सुबह 4 से 9 बजे के बीच क्योंकि इस अवधि के दौरान रक्तचाप बढ़ने से हृदय संबंधी आपात स्थितियों के होने की आषंका अधिक हो जाती है।

कंजूमर वॉइस के डायरेक्टर परमजीत सिंह ने बताया कि उनकी संस्था पूरे भारत में इन विषयों पर काम कर रही है और कंज्यूमर के फायदों से जुड़ी हुई अलग-अलग रिसर्च समय-समय पर करते रहती है ताकि उपभोक्ता समझ सकें कि जिन पदार्थों का उपयोग कर रहे हैं वह उनके लिए कितने फायदेमंद है साथ ही उनके द्वारा की गई रिसर्च उन संस्थाओं और कंपनियों के लिए भी अपनी गुणवत्ता सुधार के उपयोग में आती है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में वे सरकार के विभिन्न संस्थानों के साथ और स्थानीय एनजीओ उसके साथ मिलकर काम करेंगे ताकि इस विषय पर अधिक से अधिक जागरूकता लाई जा सके लोगों को इन दोनों ही विषयों पर समय रहते जागरूक किया जा सके। परमजीत सिंह ने कहा कि लोगों की असामयिक मुत्यु का कारण बनने वाले ट्रांस फैट का उन्मूलन जन स्वास्थ्य की दिषा में मील का पत्थर साबित होगा।

FSSAI की ओर से सीडी के नागेंद्र संयुक्त नियंत्रक, और सी डी के वर्मा CFSO मौजूद थे उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों में मध्य प्रदेश सरकार की फैटी एसिड से निपटने की तैयारियों के बारे में जानकारी और बताया कि मध्य प्रदेश सरकार शीघ्र ही फैटी एसिड से निपटने के लिए रेगुलेशन तैयार कर रही है, खाद्य गुणवत्ता नियंत्रण के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरे प्रदेश में जल्दी ही माइक्रोबायोलॉजी लैब की स्थापना करने जा रही है जिसके बाद भोपाल, जबलपुर, इंदौर जैसे शहरों में ही खाद्य गुणवत्ता से संबंधित माइक्रोबायोलॉजी टेस्ट संभव हो सकेंगे।

इसी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद डॉ सलोनी सिदाना एडिशनल मिशन डायरेक्टर, नेशनल हेल्थ मिशन भी मौजूद थे और उन्होंने मध्य प्रदेश के शहरी और ग्रामीण स्तर पर चलाया जाए चलाए जा रहे एनएचएम के माध्यम से इन विषयों पर जागरूकता के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस मीडिया संवाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश की अतिरिक्त निदेशक डॉ. सलोनी सिडाना में कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले 45 दिनों में 30 लाख लागों की गैर-संचारी रोगों - उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर की जांच की है जिनमें से 86 प्रतिषत लोगों का उपचार किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में मीडिया कर्मियों, नीति निर्माताओं और चिकित्सकों तथा समाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पूरी जानकारी के लिए नीचे क्लिक करके उनका वीडियो देखें।