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मंत्री जयवर्धन सिंह ने भोपाल के विभाजन का प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा | MP NEWS

भोपाल। तमाम पॉलिटिकल विरोध और भोपाल की जनता की असहमति के बावजूद नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जयवर्धन सिंह ने भोपाल के विभाजन का प्रस्ताव राज्यपाल को भेज दिया है। राज्यपाल से मंजूरी मिलते ही इसका नोटिफिकेशन किया जाएगा। इसके साथ ही भोपाल शहर को दो हिस्सों में बांट दिया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि कांग्रेस की सरकार जातिगत आधार पर भोपाल शहर का विभाजन कर रही है। बता दें कि मंत्री जयवर्धन सिंह ने विकास के नाम पर इंदौर को भी इसी तरह विभाजित करने की कोशिश की थी लेकिन इंदौर के कांग्रेस नेताओं ने जयवर्धन सिंह के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया था। 

इसी सप्ताह सारी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी

भोपाल जिले में दो नगर निगमों का गठन पर सियासी विरोध जैसा भी रहा हो, अब इस बारे में फैसला राज्यपाल लालजी टंडन को करना है। निकाय चुनाव को अप्रत्यक्ष तरीके से कराए जाने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने वाले राज्यपाल इस प्रस्ताव को अटकाएंगे, इसकी संभावना कम है। ये तय है कि अगले दो से तीन दिन में भोपाल शहर के बंटवारे और दो नगर निगम बनाने जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी।

बीजेपी की आपत्ति, सरकार की दलील

भोपाल शहर के बंटवारे को लेकर बीजेपी अपनी आपत्ति दर्ज कराती आ रही है। बीजेपी का आरोप है कि जातिगत आधार पर सरकार शहर का बंटवारा करने की कोशिश में है। इसका पार्टी विरोध जारी रखेगी। इधर, प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह का कहना है कि भोपाल शहर में दो नगर निगम बनाने का प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और विकास के मद्देनजर दो नगर निगम बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

ऐसा है मसौदा
अभी भोपाल नगर निगम में 85 वार्ड हैं.- प्रस्ताव के तहत भोपाल ईस्ट और भोपाल वेस्ट दो अलग-अलग नगर निगम बनेंगे।
भोपाल ईस्ट में 31 वार्ड होंगे: कोलार, बावड़िया, मिसरोद, बागमुगालिया, कटारा, भेल, अयोध्या नगर, भानपुर और करोंद का इलाका शामिल होगा।
भोपाल वेस्ट नगर निगम में 54 वार्ड होंगे।