मुख्यमंत्रीजी, आपको गांधी जयंती नहीं मनाना चाहिए | Khula Khat by ATITHI SHIKSHAK
       
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मुख्यमंत्रीजी, आपको गांधी जयंती नहीं मनाना चाहिए | Khula Khat by ATITHI SHIKSHAK

श्रीमान मुख्यमंत्री मोहदय, में आपको अवगत करा देना चाहता हूं और आपको संज्ञान भी है कि विगत 37 दिनों से अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षक भोपाल के यादगार ए शाहजहानी पार्क में सत्याग्रह कर रहे है। कल 30 जनवरी को गांधी जी की पुण्यतिथि है और आप सवा करोड़ हनुमान चालीसा करवा रहे है। ग़ांधी जी कभी नही चाहते थे कि व्यक्ति अपनी सत्ता की प्राप्ति के लिए लाखों परिवारो से वोट के खतिर झूठा वचन देकर भूल जाये। जैसा आप अतिथि शिक्षकों को देकर भूल रहे है। इतनी भीषण ठंड में विगत 38 दिन से अतिथि शिक्षक बेहाल हुआ आपकी प्रतिक्रिया की बाट जोह रहा है। एक आप है जो 90 दिनों का वादा करके आज एक वर्ष हो जाने पर भी सुध नही ले रहे हैं। 

मुझे नही लगता कि आपको गांधी जी की जयंती नहीं मानना चाहिए और अगर आप वास्तव में गांधी जी के विचारों पर चलते हो तो कल खुद अपने शिक्षा मंत्री के साथ यादगार ए शाहजहानी पार्क पहुचकर अतिथि शिक्षकों के दिये वचन को पूरा करिए। ये गांधी जी को सबसे बड़ी श्रदांजलि होगी। 38 दिनों से लगातार गांधी जी के भजनों की धुनों से सत्याग्रही के रूप में बैठे हज़ारों आथिति शिक्षक किस स्थिती में बेहाल होकर आपके दिए वचन को पूरा करने की राह देख रहे है। 

आदरणीय मुख्यमंत्री जी, आ जाइए अब और इंतज़ार न कराइये, ऐसा न हो कि आपकी बेरुखी हज़ारो अतिथि शिक्षकों को इच्छा मृत्यु जैसे कदमो की ओर मजबूर करे। वेसे भी आज तक कि स्थिति में 39 लोग इन 12 सालो में आंदोलन करते करते काल के गाल में समा गए। जिनकी हाय शिवराज चौहान की सरकार को ले डूबी। 38 दिनों से चल रहे सत्याग्रह में नन्हे मुन्ने बच्चों के साथ सेकड़ो अतिथि शिक्षिकाएं और उनके परिवार अपने घर बार छोड़कर टेंट में बैठे हैं। इतने दिनों में वो इतने कठोर हो चुके की अब उनका बिना परिणाम घर जाना मुनासिब नही, उनका यही कहना है कि अब घर जाकर मरने से अच्छा है कि यहीं यादगार ए शाहजहानी पार्क में लड़ते लड़ते मार जाएं। अब निर्णय आपको लेना है कि आप इनको जिंदगी देना चाहते हो या इनकी मौत।
मध्यप्रदेश का सत्याग्रही अतिथि शिक्षक
जगदीश शास्त्री
9009347235