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भारत की पहली मारुति 800 कार जिसकी चाबी इंदिरा गांधी ने सौंपी थी, किस हालत में है | GK IN HINDI

नई दिल्ली। भारत में मारुति 800 कार का अपना ही जमाना रहा है। दशकों तक मारुति 800 आधुनिकता और रईसी का प्रतीक रही है लेकिन क्या आप जानते हैं भारत की पहली मारुति 800 कार, जिसकी चाबी खुद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सौंपी थी, आज कहां है और किस हालत में है। यहां पढ़िए भारत की पहली मारुति 800 कार की कहानी।

यह तो आप जानते ही होंगे कि मारुति भारत सरकार की ऑटोमोबाइल कंपनी थी जो बाद में प्राइवेट हुई। मारुति ने अपनी पहली कार 14 दिसंबर 1983 को अपने ग्राहक को सौंपी थी। ग्राहक का नाम है हरपाल सिंह जो इंडियन एयरलाइंस में काम करते थे। भारत की पहली मारुति कार की चाबी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने खुद हरपाल सिंह को सौंपी थी। 

पहली Maruti 800 SS80 दशकों तक हरपाल सिंह के पास रही, कार का नंबर था DIA 6479, उस समय इस कार की कीमत थी 47,500 रुपये। पुरानी कार की कीमत घटती जाती है परंतु इस कार की कीमत समय के साथ बढ़ती चली गई। लोग इस कार के बदले लाखों रुपए देने को तैयार थे। 2010 में हरपाल सिंह की मौत के बाद यह कार बिल्कुल लावारिस सी हो गई। एक कंपनी एजीएम टेक्नोलॉजीज ने इस कार को फिर से रीस्टोरेशन करने की प्रक्रिया शुरू की।

भारत की पहली मारुति 800 कार को रेट्रो मोड में रीस्टोर किया गया


अब यह कार अब पूरी तरह से रीस्टोर हो चुकी है। कार कस्टाइमाइजेशन कंपनी एजीएम टेक्नोलॉजीज ने कार को पूरी तरह से रेट्रो मोड में रीस्टोर किया है। जहां पहले ऑरिजनल कार सफेद रंग की थी, लेकिन अब इस कार को नए क्लासिक लाल रंग का कलेवर दिया गया है। कार को अंदर और बाहर दोनों तरफ से पूरी तरह से बदल दिया गया है।

कार का पुराना आइकॉनिक लुक बरकरार

रीस्टोरेशन कंपनी ने कार के एक्सटीरियर को इस तरह से डिजाइन किया है कि कार का आइकॉनिक लुक भी बरकरार रहे और वह दिखने में मॉडर्न भी लगे। कार में सामने की तरफ हेला के प्रोजेक्टर हेडलैंप्स लगाए गए हैं। साथ ही, कंपनी ने हेडलैंप की हाउसिंग में ही डीआरएल और टर्न इंडीकेटर भी दिए हैं। कंपनी ने पुरानी ग्रिल की जगह नई ग्रिल लगाई है।

पहली बार पॉवर स्टीयरिंग और ब्रेक्स

साथ ही मेटल बंपर को मैट फिनिश दी गई है, वहीं स्पोर्टी लुक देने के लिए बंपर के नीचे एक्सटेंशन दिया गया है। 12 इंच के ट्यूबलेस टायर्स के साथ अलॉय व्हील्स लगाए गए हैं। इंटीरियर की बात करें, तो ऑरिजनल डैशबोर्ड की जगह कार्बन फाइबर फॉक्स कैपिंग दी गई है। इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी नया है। वहीं सीटों में कुछ बदलाव किया गया है। वहीं इसमें पॉवर स्टीयरिंग और ब्रेक्स दिए गए हैं। पहली मारुति में ये दोनों फीचर नहीं मिलते थे।

लागत छह लाख रुपये

नई रीस्टोर मारुति में स्टीरियो, एयर कंडीशनर और 796 सीसी के इंजन में फ्यूल इंजेक्शन तकनीक के साथ ट्रिपल सिलेंडर F8D पेट्रोल इंजन दिया गया है। हालांकि इसमें चार स्पीड वाला ऑरिजनल मैनुअल गियरबॉक्स ही दिया गया है। हालांकि कार की उम्र 36 साल के आसपास हो चुकी है। बावजूद इसके नए लुक से इसकी उम्र का पता ही नहीं चल रहा है। इसका रीस्टोरेशन इतनी सावधानी से किया गया है कि इसकी लागत भी बढ़ गई है। इसकी रीस्टोरेशन लागत तकरीबन छह लाख रुपये आई है।
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