Loading...    
   


मप्र के रोजगार कार्यालयों में 2 लाख से ज्यादा बाहरी बेरोजगार दर्ज | MP NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश के रोजगार कार्यालयों में 2.21 लाख से ज्यादा दूसरे राज्यों के लोग बतौर बेरोजगार दर्ज हैं। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और मप्र के कुल बेरोजगारों की 10 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह भी एक कारण है कि मध्यप्रदेश में बेरोजगारी की दर ज्यादा नजर आती है। 

मप्र के बेरोजगारों की नौकरियां खा रहे हैं बाहरी उम्मीदवार

2016 से 2019 तक कुल 36,43,472 उम्मीदवारों ने पंजीयन कराया है। इसमें से 2,2़1,260 बाहरी राज्य के उम्मीदवार हैं। मप्र के मूल निवासी उम्मीदवार पंजीयन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि मप्र लोक सेवा आयोग ने मप्र के रोजगार कार्यालय में पंजीयन अनिवार्य किया है। इससे पहले प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने भी इसे अनिवार्य कर रखा है, लेकिन इसका लाभ प्रदेश के मूल निवासी उम्मीदवारों को नहीं मिल रहा है। बाहरी राज्य के उम्मीदवार आसानी से रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं। 

मप्र में पढ़ाई करने वालों को ही नौकरी मिले

उम्मीदवारों का कहना है कि सीधे तौर पर सरकार रोक नहीं लगा पा रही है तो प्रदेश में होने वाली भर्तियों में बाहरी उम्मीदवारों के लिए माध्यमिक, हाई स्कूल व हायर सेकंडरी स्तर की शिक्षा में से एक मप्र में ही प्राप्त किए जाने की शर्त अनिवार्य की जानी चाहिए। प्रदेश के उम्मीदवारों की मांग है कि रोजगार कार्यालय में पंजीयन के लिए पहली शर्त उम्मीदवारों का मूल निवासी होना अनिवार्य किया जाना चाहिए। सरकार को यदि राजपत्रित संवर्ग के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया में बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को रोकने में न्यायालयीन प्रक्रिया बाधा बनती है तो अराजपत्रित संवर्ग में मूल निवासी को अनिवार्य किया जाना चाहिए।

कुछ राज्यों में भाषा और शिक्षा को बनाया आधार

उम्मीदवारों ने बताया कि उत्तराखंड में उत्तराखंड की शिक्षा मांगते हैं। छत्तीसगढ़ में तो वहां का मूल निवासी होना जरूरी है। महाराष्ट्र में मराठी और गुजरात में गुजराती भाषा को अनिवार्य कर रखा है, इसलिए मप्र में भी स्थानीय शिक्षा अनिवार्य की जाए।

सत्यापन की व्यवस्था नहीं जबकि छग में जरूरी है

उम्मीदवार सवाल इसलिए भी खड़े कर रहे हैं, क्योंकि मप्र में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उम्मीदवारों के मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराने की व्यवस्था नहीं है। जबकि छत्तीसगढ़ में अनिवार्य रूप से पंजीयन का सत्यापन कराना होता है।


भोपाल समाचार: टेलीग्राम पर सब्सक्राइब करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here
भोपाल समाचार: मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here