शिवराज सिंह चौहान ने अपनी विधानसभा के लिए अब तक ₹1 भी खर्च नहीं किया, 2 करोड रुपए रखे हैं | MP NEWS
       
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शिवराज सिंह चौहान ने अपनी विधानसभा के लिए अब तक ₹1 भी खर्च नहीं किया, 2 करोड रुपए रखे हैं | MP NEWS

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी विधानसभा में विकास कार्यों के लिए अब तक एक भी रुपए खर्च नहीं किया है। उनकी विधायक निधि में एक करोड़ 85 लाख रुपए जैसा का तैसा बना हुआ है। एक और चौंकाने वाली बात है। अपनी विधानसभा के लोगों को दुख बीमारी या शिक्षा इत्यादि के लिए अपनी इच्छा अनुसार खर्च करने हेतु ₹1500000 सरकार की ओर से दिए गए लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने एक भी व्यक्ति की मदद नहीं की। उनकी स्वेच्छानुदान की राशि जैसी की तैसी सरकारी खजाने में रखी है। सीहोर के पत्रकार श्री अखलेश गुप्ता की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।

विकास कार्यों के लिए मिले थे एक करोड़ 85 लाख रुपए

उल्लेखनीय है कि हर वित्त वर्ष में प्रत्येक विधायक को विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ 85 लाख रुपए निधि मिलती है। जिले में सीहोर, इछावर, आष्टा और बुदनी विधानसभा क्षेत्र हैं। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि आष्टा विधायक रघुनाथ मालवीय ने 79 और इछावर विधायक करन सिंह वर्मा ने 102 विकास कार्यों में अपनी अधिकांश निधि खर्च कर दी। दोनों की निधि में 1-1 लाख रुपए बाकी है। जबकि सीहोर विधायक सुदेश राय ने अब तक 78 विकास कार्य कराए हैं। अभी उनकी निधि में 27 लाख रुपए बचे हैं। वहीं बुदनी विधायक व पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपनी निधि से अब तक एक भी कार्य की अनुशंसा नहीं की। 

स्वेच्छानुदान मद में 1500000 रुपए, चवन्नी खर्च नहीं की

हर वित्त वर्ष में प्रत्येक विधायक को स्वेच्छानुदान मद के रूप में 15-15 लाख रुपए मिलते हैं। जो लोगों की बीमारी, शिक्षा आदि में सहायता के लिए होते हैं। सीहोर विधायक 13 लाख 67 हजार, आष्टा विधायक 11 लाख 75 हजार और इछावर विधायक पूरे 15 लाख रुपए खर्च कर चुके हैं। जबकि बुदनी विधायक ने इस मद में भी कोई अनुशंसा नहीं की।

समय-समय पर हमने पत्र भी भेजे थे: जिला प्रशासन

आष्टा व इछावर विधायक की अनुशंसाओं के आधार पर विधायक निधि लगभग खत्म हो चुकी है। सीहोर विधायक की कुछ राशि बची है। बुदनी विधायक की विकास कार्य के लिए अनुशंसा नहीं आई है। उनकी पूरी राशि बची है। हालांकि हम समय-समय पर बजट आने व अनुशंसा के लिए पत्र भेजते हैं। 
संजय लक्केवार, जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी, सीहोर