जामिया के बाद अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में नागरिकता कानून को लेकर हिंसा, कैंपस पुलिस छावनी बना | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। खबर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से आ रही है। नागरिकता कानून के खिलाफ जहां एक तरफ दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन हुआ और बदले में पुलिस ने हिंसक कार्रवाई की वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स भी सड़कों पर उतर आए। खबर आ रही है कि वहां भी हिंसक प्रदर्शन हुआ और पुलिस और स्टूडेंट के बीच संघर्ष हुआ। इस संघर्ष में अलीगढ़ के डीआईजी सहित कुछ अन्य लोगों के घायल होने की खबर आ रही है। 

यूनिवर्सिटी के एडमिशन ब्लॉक कर रहे थे छात्र, पुलिस और प्रशासन के लोग आ गए

सूत्रों के मुताबिक, अलीगढ़ मुस्लिम विवि में रविवार शाम छात्रों ने परिसर में बने एडमिशन ब्लॉक के पास प्रदर्शन शुरू किए थे। इस दौरान जब मौके पर पुलिस के अधिकारी फोर्स के साथ पहुंचे तो प्रदर्शनकारी छात्रों ने इनपर पथराव शुरू किया। इस दौरान प्रशासन के कई अधिकारियों को मौके पर भेजा गया, जिसके बाद अधिकारियों ने छात्रों से वापस हॉस्टल में जाने की अपील की।

पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, लाठीचार्ज किया

प्रशासन की तमाम अपीलों के बीच मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने फोर्स पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। कुछ छात्रों को पुलिस ने बलपूर्वक मौके से खदेड़ने का भी प्रयास किया।

डीआईजी को चोट लगी, पूरा इलाका छावनी में तब्दील

अलीगढ़ मुस्लिम विवि में हुए पथराव में डीआईजी समेत कुछ अन्य लोगों के घायल होने की सूचना मिली है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ मुस्लिम विवि के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसबल को तैनात किया गया है। इसके अलावा मौके पर आरएएफ और पीएसी की टीमों को भी भेजा गया है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण स्थितियां बनी हुई हैं।

घटनास्थल पर रवाना हुए आगरा जोन के एडीजी

एएमयू में जारी तनाव के बीच एडीजी आगरा को शासन के आदेश पर मौके पर भेजा गया है। मौके पर आईजी, डीआईजी, एसएसपी समेत तमाम अधिकारी पहले ही मौजूद हैं। लखनऊ में शासन के अधिकारी लगातार स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।

5 जनवरी तक बंद किया गया विश्वविद्यालय

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद ने बताया आगामी 5 जनवरी तक के लिए विश्वविद्यालय को बंद कर दिया गया है। आगे भी विश्वविद्यालय को माहौल ठीक होने पर ही खोला जाएगा। इसके अलावा जो छात्र प्रदर्शनों और हिंसा में शामिल हुए हैं उन्हें चिन्हित कर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।