कलेक्टर ने शीतकालीन अवकाश में स्कूल खोलने के आदेश जारी किए, कर्मचारी संघ नाराज | MP NEWS
       
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कलेक्टर ने शीतकालीन अवकाश में स्कूल खोलने के आदेश जारी किए, कर्मचारी संघ नाराज | MP NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश के छतरपुर में कलेक्टर श्री मोहित बुंदस ने शीतकालीन अवकाश में स्कूल खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा 23 दिसंबर से 28 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। अवकाश छात्र और शिक्षक दोनों के लिए है लेकिन छतरपुर कलेक्टर ने इन अवकाश के दिनों में (25 दिसंबर शासकीय अवकाश को छोड़कर) स्पेशल क्लास लगाने का आदेश दिया है। 

राज्यपाल महोदय के आदेशानुसार घोषित हुआ था अवकाश 

बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शीतकालीन अवकाश राज्यपाल महोदय के आदेशानुसार एवं उनके नाम से जारी हुआ था। इसका सरल तात्पर्य यह है कि इस आदेश को बदला नहीं जा सकता लेकिन कलेक्टर छतरपुर में बदल दिया। दिनांक 21 दिसंबर को पत्र क्रमांक 2181 के अनुसार प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग में प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में आगामी 06 से 08 जनवरी को दक्षता संवर्धन के तहत एण्ड लाइन टेस्ट होना है। शीतकालीन अवकाश के कारण छात्रों का प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है इसलिए अवकाश के दिनों में स्पेशल क्लास लगाने के आदेश जारी किए गए। 

कलेक्टर का आदेश नियम विरुद्ध और शासन की प्रतिष्ठा कमजोर करने वाला: कर्मचारी संघ

मप्र तृतीय वर्ग शास कर्म संघ के प्रांताध्यक्ष श्री प्रमोद तिवारी एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष कन्हैयालाल लक्षकार ने बताया कि मप्र के छतरपुर कलेक्टर श्री बुंदस का उक्त आदेश प्रशासन द्वारा शासन को चुनौती देते हुए स्वेच्छाचारिता है। सरकार को साजिश के तहत बदनाम करने का खुला षड़यंत्र है। 

शिक्षकों ने कहा, अन्य शासकीय कर्मचारियों के समान अवकाश स्वीकृत करें

मप्र तृतीय वर्ग शास कर्म संघ प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री कमलनाथ जी एवं डाॅ प्रभुराम चौधरी जी स्कूल शिक्षा मंत्री मप्र शासन भोपाल से मांग करता है कि शिक्षा विभाग को अवकाश विभाग सूची से विलोपित कर अन्य विभागों के कर्मचारियों के समान अर्जित अवकाश स्वीकृत की व्यवस्था कायम की जावे या अवकाश अवधि में शिक्षकों को रोका जाता है तो नियमानुसार अर्जित अवकाश स्वीकृत की घोषणा भी ऐसे आदेश में स्पष्ट होना चाहिए । कलेक्टर छतरपुर का आदेश शिक्षकों को प्रताड़ित परेशान बदनाम करने के साथ अतिवादी व शासनादेश का अतिक्रमण करता है, इसमें अर्जित अवकाश का कोई उल्लेख नहीं हैं। 

जिले के तमाम शिक्षा अधिकारियों व जन शिक्षकों को निर्देश दिये हैं कि 10 विद्यालयों का प्रतिदिन निरीक्षण किया जावे ।  इससे शिक्षकों में भारी नाराजगी व आक्रोश व्याप्त हैं । इस आदेश से षड़यंत्र के तहत सरकार के खिलाफ शिक्षकों को उकसाया जा रहा हैं । यह आदेश तत्काल प्रभाव से अपास्त किया जावे ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके । पूर्व में घोषित अवकाश के चलते शिक्षकों ने अपने परिवार के साथ कार्यक्रम निर्धारित किये हैं जो इससे प्रभावित हो रहे है।