खबर का असर: सांची दूध का क्वालिटी कंट्रोलर और GPS इंचार्ज सस्पेंड | BHOPAL NEWS

भोपाल। एक बार फिर खबर का असर हुआ है। सांची दूध में यूरिया मिलाए जाने के मामले में क्वालिटी कंट्रोलर श्याम गुप्ता एवं जीपीएस इंचार्ज कमल यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। बता दें कि मामले का खुलासा होते ही श्याम गुप्ता को बचाने की कोशिशें तेज हो गई थी। खबरें कुछ इस तरह से चलवाई गई थी की तकनीकी खराबी के कारण दूध में यूरिया की मिलावट पकड़ी नहीं जा सकी। केवल भोपाल समाचार था जिस ने स्पष्ट रूप से कहा कि " दूध में मिलावट को जानबूझकर पकड़ा नहीं जा रहा था।" 

जांच के दौरान क्या कुछ पाया गया 

इस मामले की जांच के दौरान पाया गया कि भाेपाल दुग्ध संघ की हबीबगंज स्थित क्वालिटी कंट्राेल लैबाेरेटरी में दूध की गुणवत्ता जांचने का काम ईमानदारी से नहीं किया जा रहा था। जानबूझकर उन टैंकरों को नजरअंदाज किया जा रहा था जिनमें मिलावट थी। टैंकर में टूटी सीलों को कैमिकल से चिपकाया गया, जिसे क्वालिटी कंट्रोल ने अनदेखा किया। 

जीपीएस इंचार्ज को क्यों सस्पेंड किया

कंट्रोल रूम पर टैंकर में लगे जीपीएस के माध्यम से रूट छोड़ने और आधे घंटे तक रुके रहने की जानकारी मिलती रही, लेकिन मॉनिटरिंग टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की। यानी इस घोटाले में जीपीएस मॉनिटरिंग टीम भी शामिल थी। 

टैंकर संचालक के खिलाफ रासुका की कार्रवाई

क्राइम ब्रांच द्वारा दूध चाेरी और उसमें मिलावट के मामले में मंगलवार को गिरफ्तार किए गए टैंकर संचालक याेगेंद्र देव पांडे पर रासुका(राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई की है। इसकी पुष्टि कलेक्टर तरुण पिथाेड़े ने की है। दूसरी ओर संघ ने योगेंद्र के 25 लाख रुपए का पेमेंट रोक दिया है। उसे राज्य के सभी दुग्ध संघों के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया है।