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अतिथि विद्वानों के प्रदर्शन की अनुमति समाप्त, पार्क में डटे हुए हैं प्रदर्शनकारी | ATITHI VIDWAN NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में 20 साल से पढ़ा रहे अतिथि विद्वान कमलनाथ सरकार से वचन निभाने की मांग लेकर पिछले 4 दिन से शाहजहानी पार्क में प्रदर्शन कर रहे हैं। इन 4 दिनों में अतिथि विद्वानों ने सर्दी और बारिश दोनों का सामना किया। इस बार सरकार की तरफ से एक नुमाइंदा तक अतिथि विद्वानों को धरना खत्म करने की अपील करने नहीं आया। प्रशासन ने अतिथि विद्वानों को प्रदर्शन के लिए जो अनुमति दी थी उसकी अवधि समाप्त हो गई है। अतिथि विद्वान अभी भी पार्क में डटे हुए हैं लेकिन प्रशासन कभी भी उन्हें पार्क से बेदखल कर सकता है। अतिथि विद्वानों का कहना है कि नियमितीकरण के आदेश तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। 

अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजकद्वय डॉ देवराज सिंह और डॉ सुरजीत भदौरिया के अनुसार  हमने शासन प्रशासन का लगभग हर दरवाजे तक अपनी आवाज़ पहुचाने की कोशिश की है किन्तु सरकार की बेरुखी और  असंवेदनशीलता का आलम यह है कि किसी भी जनप्रतिनिधि ने हमारी बात सुनने और समझने की जहमत नही उठाई।

महिला अतिथिविद्वानों ने कहा अब केवल गला कटाना बाकी है

अतिथि विद्वानों के आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल महिला अतिथिविद्वानों ने कहा है की हमने कमलनाथ सरकार की वादाखिलाफी और असंवेदनशीलता से दुखी होकर अपनी अस्मिता के प्रतीक अपने आंचल और दुपट्टे को भी जला दिया है। हम आपना केशत्याग भी करना चाह रहे थे किन्तु सामाजिक संगठनों के आगे आने से और उनके अनुनय विनय से यह स्थगित किया गया है। अब हमारे लिये केवल अपना गला कटवाना ही शेष है। सरकार इतनी निर्दयी हो जाएगी यह सोचा न था। इस प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार के लिए अतिथि विद्वानों ने हर संभव प्रयत्न किए थे। किन्तु जिन्हें हमने सत्ता की सिहांसन पर बैठाया वही हमारे संहारक बन गए है। यह सोचा न था।अतिथिविद्वान नियमितीकरण मोर्चा के प्रान्तीय प्रवक्ता डॉ मंसूर अली ने कहा है कि अब महिला साथियों और बच्चों की पीड़ा देखी नही जाती है। हम तो परेशान हैं ही किन्तु महिलाएं और बच्चे ठंड और बारिश से अधिक प्रभावित दिखाई पड़ रहे है। यहां तक कि कई महिलाओं को अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा है। 

अतिथि विद्वानों का जारी है अनशन

अतिथिविद्वानों के आंदोलन के साथ पिछले 4 दिनों से कई अतिथि विद्वान जिसमे महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, लगातार अनशन में बैठे हैं। कुछ महिला अतिथि विद्वानों की हालत भी बिगड़ी है। किन्तु आज तक शासन प्रशासन से कोई भी प्रतिनिधि उनकी खोज खबर लेने नही पहुँचा है। 

प्रशासन ने समाप्त की धरने की अनुमति

अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के डॉ आशीष पांडेय ने कहा है कि पिछले कई दिनों से लगातार चल रहे अतिथिविद्वानों के इस आंदोलन की सरकार की ओर से कोई सुध नही ली गई है, बल्कि स्थानीय प्रशासन ने धरने की अनुमति बढ़ाने से साफ इंकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि शाहजहानी पार्क में पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अतिथी विद्वानों ने धरने की अनुमति को आगे बढ़ाने के लिए पुनः एसडीएम आफिस में आवेदन लगाया था किंतु प्रशासन ने आगे अनुमति देने से इनकार कर दिया है। लेकिन अतिथिविद्वान अनुमति की समाप्ति के बाद भी पार्क में डटे हुए हैं।

गाँधीआलय विचार मंच मदद को आया आगे

अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के डॉ जेपीएस चौहान ने कहा है कि पिछले कई दिनों से आंदोलनरत अतिथिविद्वानों के लिए गाँधीआलय विचार मंच किसी फरिश्ते के समान आमने आया और उसने कड़ाके की ठंड में ठिठुरते अतिथिविद्वानों को न सिर्फ कंबल इत्यादि उपलब्ध करवाए बल्कि हमारे लिए लगातार भोजन उपलब्ध करवाया है। यह बहुत बड़ी मानव सेवा है जिस के हज़ारों अतिथि विद्वानों को लाभ हुआ है।