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365 दिन में 365 वचन निभाए: मुख्यमंत्री कमलनाथ | KAMAL NATH NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को दवा की आएगी उनकी सरकार के गठन के बाद पिछले 1 साल में 365 वचन निभाए गए हैं। यानी साल के हर दिन एक वचन निभाया गया। उन्होंने दावा किया कि इसके अलावा उन्होंने कई जनहितकारी निर्णय भी लिए। कमलनाथ का कहना है कि इस एक साल में उन्होंने समाज के सभी वर्गों के लिए काम किया है।

किसान कर्ज माफी का दूसरा चरण आज से शुरू: सीएम कमलनाथ

मध्यप्रदेश में अपनी सरकार की 1 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि ‘‘इस एक वर्ष में मैंने अपने वचन पत्र के 365 वादों को तो पूरा किया ही, कई जनहितैषी निर्णय भी प्रदेश हित में लिये।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस एक वर्ष प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का पूरा प्रयास किया।’’ कमलनाथ ने कहा, ‘‘किसान-कल्याण के क्षेत्र में राज्य सरकार ने कार्यभार संभालने के पहले ही दिन किसानों की ऋण माफी का फैसला लिया। इस फैसले के अनुरूप प्रथम चरण में 20,22,731 ऋण खातों पर 7154.36 करोड़ की राशि की माफी की जा चुकी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कर्ज माफी का दूसरा चरण आज से प्रारम्भ हो रहा है, जिसमें कुल 12 लाख से अधिक ऋण खातों पर 11, 675 करोड़ रुपये से अधिक की माफी की जायेगी।’’ 

पिछले 1 साल में मैंने समाज के सभी वर्गों की भलाई के लिए काम किए: कमलनाथ

कमलनाथ ने कहा, ‘‘आज से एक वर्ष पहले मैंने मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की बागडोर संभाली थी। जब मैंने बागडोर संभाली थी, तब मेरे सामने कई चुनौतियां थी लेकिन आपके विश्वास, प्रेम, स्नेह और सहयोग से इस एक वर्ष में मैंने आपकी कसौटी पर खरा उतरने और प्रदेश की बिगड़ी तस्वीर बदलने का पूरा प्रयास किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा सपना था कि प्रदेश विकास की दृष्टि से देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो, उस दिशा में इस एक वर्ष में मैने निरंतर कार्य किये, चाहे किसानों की बात हो, युवाओं की बात हो, महिलाओं के सम्मान की बात हो या समाज के सभी वर्गों की बात हो।’’ कमलनाथ ने कहा, ‘‘मैंने निरंतर इनकी भलाई और उत्थान के लिये कार्य किये और त्वरित आवश्यक निर्णय भी लिये।’’ 

मध्य प्रदेश का हित और जनहित मेरे लिए सर्वोपरि: मुख्यमंत्री कमलनाथ

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक नया प्रदेश बनाना चाहते है, जिसमें हर वर्ग ख़ुश रहे, हर व्यक्ति सुरक्षित रहे, प्रदेश माफिया मुक्त हो, मिलावट मुक्त हो। हर व्यक्ति की सुनवाई हो और हर व्यक्ति को न्याय मिले।’’ कमलनाथ ने कहा, ‘‘आज के दिन में कोई राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप में नहीं जाना चाहता हूं। मुझे सिर्फ़ जनता का प्रमाण पत्र चाहिये। प्रदेश हित और जनहित मेरे लिये सर्वोपरि है।’’