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प्रज्ञा सिंह पर कार्रवाई होगी: भाजपा | मैं कल दूंगी जवाब: प्रज्ञा सिंह ठाकुर | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। "देशभक्त नाथूराम गोडसे" एक बार फिर सुर्खियों में। इस बार भी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के कारण ही नाथूराम गोडसे का मुद्दा सुर्खियां ले रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने आधिकारिक बयान दिया है कि सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ कार्यवाही होगी। इधर प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मीडिया से कहा किस बारे में वह कल जवाब देंगी। 

प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई होगी: भाजपा

बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी प्रज्ञा ठाकुर ने गोडसे को देशभक्त कहा था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे इस बयान के लिए प्रज्ञा ठाकुर को कभी माफ नहीं कर पाएंगे। प्रज्ञा ठाकुर के ताजा बयान पर बीजेपी बेहद खफा है। बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि पार्टी पहले ही प्रज्ञा ठाकुर के पहले बयान पर नोटिस दे चुकी है लेकिन प्रज्ञा द्वारा एक बार फिर से इस बयान को दोहराना बापू का अपमान तो है ही ये पार्टी का भी अपमान है। जीवीएल ने कहा कि इसे किसी को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के नेता अनुशासित नहीं रहेंगे तो कार्रवाई की जाएगी। जीवीएल ने कहा कि वे पूरे देश को आश्वासन देना चाहते हैं कि इस मामले में कार्रवाई होगी। 

नाथूराम गोडसे मामले पर कल जवाब दूंगी: सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर 

राजनीति का पारा हाई हो जाने के बाद जब मीडिया ने अपने बयान पर सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर से प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने पहले कहा कि " मेरा बयान अपने कानों से सुनिए" जब पत्रकारों ने बताया कि वह सुनने के बाद ही सवाल पूछ रहे हैं तो उन्होंने कहा कि इसका जवाब मैं कल दूंगी।

लोकसभा में प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कौन सा विवादित बयान दिया

बता दें कि बुधवार को लोकसभा में एसपीजी बिल पर डिबेट के दौरान प्रज्ञा ठाकुर ने ये बयान दिया। बुधवार को लोकसभा में एसपीजी संशोधन बिल पर डीएमके सांसद ए राजा अपनी राय रख रहे थे। इस दौरान ए राजा ने गोडसे के एक बयान का जिक्र किया, जिसमें गोडसे ने कहा कि था कि उसने बापू को क्यों मारा था। जब ए राजा बोल ही रहे थे उसी समय प्रज्ञा ठाकुर ने उन्हें टोका और कहा कि एक देश भक्त का उदाहरण नहीं दिया जा सकता है। प्रज्ञा ने कहा, "देशभक्तों का नाम नहीं लेंगे आप।" प्रज्ञा के इस बयान पर सदन में जमकर शोर-शराबा हुआ। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान को लोकसभा की कार्यवाही से हटा दिया।