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कमलनाथ सरकार का विरोध प्रदर्शन: भाजपा का प्रतिवेदन | MP BJP NEWS

भोपाल। कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों के साथ की गई वादाखिलाफी, कर्जमाफ न किए जाने, बाढ़ और अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा न दिए जाने, बिजली के बिल हॉफ न किए जाने जैसे मुद्दों के खिलाफ प्रदेश के लाखों किसान आज सड़कों पर उतरे और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकांश जगहों पर पुलिस द्वारा रास्ते में खड़ी की गई बाधाओं की परवाह न करते हुए अपना मार्च जारी रखा और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन के दौरान किसानों ने बढ़े हुए बिजली के बिलों की होली जलाकर सरकार के रवैये के खिलाफ अपना गुस्सा जताया। 

किसानों के मामले में सिर्फ राजनीति कर रही प्रदेश सरकारः राकेश सिंह


नरसिंहपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह ने किसान आक्रोश आंदोलन का नेतृत्व किया। श्री सिंह के नेतृत्व में हजारों किसान ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर एक रैली में रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। हाथों में सरकार के खिलाफ लिखे नारों वाली तख्तियां लहराकर और नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी पर आक्रोश जताया। इस दौरान किसानों, गरीबों को दिए गए बढ़े हुए बिजली के बिलों की होली भी जलाई गई। प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह ने उपस्थित किसानों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण किसान बर्बाद हो गए हैं, लेकिन प्रदेश सरकार राहत राशि के संबंध में लगातार झूठ बोल रही है। जबकि केंद्र सरकार ने पहले ही राशि का आवंटन कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुद्दे वही पुराने हैं, लेकिन सरकार अब भी किसानों के मामले में सिर्फ और सिर्फ राजनीति कर रही है। सरकार ने जो भी घोषणाएं किसानों के लिए की थीं, उनमें से एक को भी पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बिजली बिल हॉफ करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता हासिल करने के बाद मनमाने, हजारों रुपयों के बिल गरीब जनता को थमाकर पैसे वसूले जा रहे हैं। प्रदेश सरकार अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान के मामले में केंद्र सरकार की बात करके पल्ला झाड़ रही है। सरकार बार-बार नई डिमांड लेकर केंद्र के पास पहुंच रही है, जबकि खुद का दो लाख करोड़ का बजट उसके पास है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार चाहती तो किसानों की कर्जमाफी भी हो जाती और उन्हें राहत भी दे देती। इस अवसर पर सांसद श्री उदयप्रताप सिंह, पूर्व मंत्री श्री जालम सिंह, जिलाध्यक्ष श्री अभिलाष मिश्रा सहित बडी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं किसान बंधु उपस्थित थे।

बिजली के बिल नहीं, कमलनाथ तुम्हारी अन्याय की लंका को राख कर देंगेः शिवराज सिंह


रीवा। पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने किसान आक्रोश आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने बड़ी संख्या में एकत्रित किसानों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब से कमलनाथ सरकार आई है, चारों तरफ बर्बादी है। हर तरफ लोगों की आंखों में आंसू हैं। जिस गरीब का पहले 200 रुपए बिल आता था, अब 66 हजार, 75 हजार बिल आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ कहते हैं कि हमने बिजली का बिल हॉफ कर दिया, कुछ तो शरम करो। बिजली के ये बिल अन्यायपूर्ण हैं और आज यहां उपस्थिति जनता की अदालत ने यह फैसला किया है कि कोई अन्यायपूर्ण बिजली के बिल जमा नहीं करेगा। हमने फैसला किया है कि हम इन बिजली के बिलों की होली जलाएंगे और सिर्फ बिल नहीं, कमलनाथ तुम्हारे अन्याय की लंका को जलाकर राख कर देंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जीना है तो मरना सीखो, अपने हक को लड़ना सीखो, वर्ना ये कांग्रेसी मार डालेंगे। इन्होंने किसान वंशपति साहू को मार डाला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ कहते हैं हमने कर्जा माफ कर दिया। मैं मृत किसान वंशपति साहू के घर गया था और उसे बैंक से जो नोटिस मिला, वो भी देखा। उस पर साफ लिखा है की अपने कर्ज की अतिशेष राशि 10 दिनों में जमा नहीं की, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कमलनाथ, तुमने और तुम्हारी सरकार ने वंशपति को फांसी लगाने पर मजबूर कर दिया। श्री चौहान ने कहा कि हम किसी और किसान को वंशपति नहीं बनने देंगे। कर्जदार किसान संकल्प लें कि हम कर्ज नहीं चुकाएंगे, सरकार को कर्ज माफ करना पड़ेगा। युवाओं को 4 हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता देना पड़ेगा। गरीब बच्चों की फीस देना पड़ेगी। कन्यादान योजना की राशि देना पड़ेगी। जो वादा किया है, वो सरकार को निभाना पड़ेगा नहीं तो हम इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे और सरकार को चलने भी नहीं देंगे। रैली के रूप में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों के साथ कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और वहां खराब हुई फसलों के सर्वे की मांग को लेकर धरना दिया, जिसे कमिश्नर ने मान लिया। इस दौरान बढ़े हुए बिजली के बिलों की होली भी जलाई गई। इस अवसर पर रीवा सांसद श्री जनार्दन मिश्रा, विधायक पूर्व मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला, श्री गिरीश गौतम, श्री पंचूलाल प्रजापति, श्री के.पी.त्रिपाठी, श्री श्यामलाल द्विवेदी, श्री प्रदीप पटेल सहित पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे।

केन्द्र सरकार पर आरोप लगाकर जिम्मेदारी से बच रही प्रदेश सरकारः प्रभात झा

होशंगाबाद में आंदोलन का नेतृत्व करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद श्री प्रभात झा ने कहा कि कमलनाथ सरकार किसान विरोधी है। चुनाव के पहले किसानों से बड़े-बड़े वादे किए,  लेकिन सत्ता मिलते ही वादाखिलाफी शुरू कर दी। आज प्रदेश के किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा और बुरे समय में सरकार उसके साथ खड़ी दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार किसानों की मदद करने की बजाए केन्द्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती है। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा, वरिष्ठ नेता श्री मधुकरराव हर्णे, विधायक श्री विजयपाल सिंह, श्री ठाकुरदास नागवंशी, श्री प्रेमशंकर वर्मा, श्री गिरिजाशंकर शर्मा, जिला अध्यक्ष श्री हरिशंकर जायसवाल, श्री दर्शन सिंह चौधरी सहित पार्टी कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

वादाखिलाफ और जालसाज है कमलनाथ सरकारः कैलाश विजयवर्गीय


उज्जैन में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री कैलाश विजयवर्गीय ने आंदोलन का नेतृत्व करते हुए कहा कि भाजपा के शासन में गरीब किसानों को केन्द्र बिन्दु मानकर उन्हें खेती के लिए पर्याप्त बिजली और आवश्यक संसाधन दिए जाते थे, लेकिन आज उन्हीं किसानों को कांग्रेस सरकार 5 हजार से लेकर 25 हजार के बिजली बिल थमा रही है। सरकार, सरकार में यही अंतर होता है। भाजपा जनहितैषी सरकार देती है और कांग्रेस वादाखिलाफ और जालसाज सरकार देती है। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी का झूठ किसानों के साथ सिर्फ वादाखिलाफी नहीं जालसाजी भी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने 10 दिन में कर्जमाफी का झूठा वादा करके प्रदेश के किसानों को डिफाल्टर की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। इस दौरान सांसद श्री अनिल फिरोजिया, पूर्व मंत्री श्री पारस जैन, डॉ. मोहन यादव, बहादुर सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष श्री विवेक जोशी, श्री श्याम बंसल, महापौर श्रीमती मीना जोनवाल सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

किसान त्रस्त और सरकार मदमस्त है : गोपाल भार्गव


राजधानी भोपाल में किसान आक्रोश आंदोलन का नेतृत्व करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश में किसान अतिवृष्टि से परेशान है और मुआवजा राशि के लिए इंतजार कर रहा है। किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं। लूट, खसोट और भ्रष्टाचार चारों ओर व्याप्त है। किसान त्रस्त है और सरकार मदमस्त है। सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विपरीत समय में सरकार को किसानों के साथ होना चाहिए लेकिन सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार करने में लगे हुए हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी किसानों की आवाज बनकर कुंभकर्णी नींद में सोई सरकार को जगाने का काम करेगी। विधानसभा सत्र में हम मुखरता के साथ किसानों की आवाज उठायेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की दमनकारी सरकार अगर जनता की सुध नहीं लेती है, तो भारतीय जनता पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। किसान परेशान न हो, आत्महत्या को मजबूर न हो,  इस बात की चिंता भारतीय जनता पार्टी को करनी है। उन्होंने कहा कि सरकार समय रहते नहीं जागी तो भारतीय जनता पार्टी आगे और भी बड़े आंदोलन करेगी। नेता प्रतिपक्ष श्री भार्गव किसानों और कार्यकर्ताओं के साथ ट्रेक्टर पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां आंदोलन में शामिल किसानों जमकर नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं एवं किसानों ने बढ़े हुए बिजली के बिल जलाकर कांग्रेस के कुशासन की होली जलाई। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री श्री विश्वास सारंग, प्रदेश प्रवक्ता श्री आलोक संजर, श्री विष्णु खत्री, जिलाध्यक्ष श्री विकास विरानी, ग्रामीण जिलाध्यक्ष श्री गोपाल मीणा, श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह, श्री अंशुल तिवारी सहित वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

योजना ही नहीं थी तो कर्जमाफी की घोषणा क्यों की : सुमित्रा महाजन


इंदौर में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने किसान आक्रोश आंदोलन का नेतृत्व करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार जब से प्रदेश में आई है, जनता बेहाल है। झूठ व धोखे के साथ बनाई गई इस सरकार ने जनता से किये गये किसी भी वादे को अभी तक पूरा नहीं किया है। इस आंदोलन के माध्यम से हम प्रदेश सरकार को बाध्य करेंगे कि उसने जनता से जो वादे किये है, उन्हें हर हाल में पूरा करें। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के पास कोई योजना नहीं थी तो फिर किसानों का दो लाख तक का कर्ज, बेरोजगारों को भत्ता देने की घोषणा कैसे कर दी। जनता अब इनके झूठ और फरेब को अच्छी तरह से समझ गई है और आने वाले दिनों में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस अवसर पर सांसद श्री शंकर लालवानी, नगर अध्यक्ष श्री गोपीकृष्ण नेमा, श्री बाबूसिंह रघुवंशी, महापौर श्रीमती मालिनी गौड, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया, श्री आकाश विजयवर्गीय, श्री मनोज पटेल, डॉ. राजेश सोनकर, श्री मधु वर्मा, श्री रवि रावलिया, श्री उमानारायण पटेल, श्रीमती कविता पाटीदार, श्री गोपालसिंह चौधरी, डॉ. रीता उपमन्यु, श्रीमती कंचनसिंह चौहान सहित पार्टी कार्यकर्ता एवं बडी संख्या में किसान उपस्थित थे।

किसान तड़प रहा, कमलनाथ सरकार आराम कर रही हैः नंदकुमार सिंह चौहान


जबलपुर में आंदोलन का नेतृत्व करते हुए पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व सांसद श्री नन्दकुमार सिंह चौहान ने कहा कि जैसे रोम जल रहा था और नीरो बंशी बजा रहा था,  ठीक वैसे ही आज प्रदेश में किसान तड़प रहा है और कमलनाथ सरकार आराम कर रही है। किसानों को भावांतर भुगतान योजना का लाभ नहीं मिल रहा। अतिवृष्टि से फसलें बर्बाद हो चुकी हैं,  लेकिन मुख्यमंत्री और मंत्रियों को फुर्सत नहीं है कि वे किसी गरीब किसान के खेत में जाकर उनकी बर्बाद फसल का जायजा ले सकें। उन्होंने कहा कि किसानों को अभी तक मुआवजे का एक रूपया भी नहीं मिल पाया है। आंदोलन में नगर अध्यक्ष श्री जीएस ठाकुर, ग्रामीण अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश पटेल, विधायक श्री अजय विश्नोई, श्री अशोक रोहाणी, श्री सुशील तिवारी इन्दु, महापौर श्रीमती डॉ. स्वाती गोडबोले, श्री हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू, श्रीमती प्रतिभा सिंह, श्री प्रभात साहू, श्री सदानन्द गोडबोले, डॉ जितेंद्र जामदार, श्री एस.के. मुद्दीन, श्रीमती सुमित्रा वाल्मिकी सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता शामिल थे।

जिला केन्द्रों पर वरिष्ठ नेताओं ने किया आंदोलन का नेतृत्व

किसान आक्रोश आंदोलन पूरे प्रदेश में प्रत्येक जिला केंद्र पर आयोजित किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आंदोलन का नेतृत्व किया। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री विक्रम वर्मा देवास, प्रदेश उपाध्यक्ष सुश्री ऊषा ठाकुर झाबुआ, श्री प्रदीप लारिया अशोकनगर, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री जीतू जिराती बड़वानी, श्री रामलाल रौतेले सीधी, श्री विनोद गोटिया उमरिया, प्रदेश महामंत्री श्री विष्णुदत्त शर्मा पन्ना, प्रदेश मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर बैतूल, पूर्व मंत्री श्री जयंत मलैया दमोह, श्री नरोत्तम मिश्रा रायसेन, पूर्व मंत्री श्री जयभानसिंह पवैया टीकमगढ़, पूर्व विधायक श्री ध्रुवनारायण सिंह, युवा मोर्चा अध्यक्ष श्री अभिलाष पाण्डे ने सिवनी ने गुना में आंदोलन का नेतृत्व किया।