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LIC के 2 दर्जन सहित कुल 80 से ज्यादा बीमा पॉलिसी प्लान बंद होने वाले हैं

नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम सहित तमाम प्राइवेट कंपनियों के करीब 80 पॉलिसी प्लान 30 नवंबर को बंद हो जाएंगे। इंश्योरेंस रेगुलेटर के अनुसार यह सभी बीमा प्लान ग्राहकों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। बंद होने वाले रिटेल प्रोडक्ट्स में से LIC की जवीन आनंद पॉलिसी, जीवन उमंग, जीवन लक्ष्य और जीवन लाभ जैसी कुछ बेस्टसेलर पॉलिसी भी शामिल है। बताया गया है कि अब तक जिन लोगों ने यह पॉलिसी प्लान ले लिए थे उनके लिए यह जारी रहेंगे परंतु अब नए ग्राहकों के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। कंपनियां क्लोजिंग से पहले इन प्लांट्स को ज्यादा से ज्यादा बेचने की कोशिश कर रही है।

कुछ मीहनों में किए जा सकते हैं रिवाइज व रिलॉन्च

इन सभी प्लान्स को आने वाले कुछ महीनों में रिवाइज और रिलॉन्च किया जाएगा। ​बंद की जाने वाली इन सभी प्लान को इंश्योरेंस रेग्युलेटर के रिवाइज कस्टमर केंद्रित गाइडलाइन के हिसाब से रिलॉन्च कर सकती है। हालांकि, रिवाइव और रिलॉन्च किए जाने वाले प्रोडक्ट्स में कम बोनस रेट्स और उच्च प्रीमियम दर मिल सकते हैं।

बीमा इंडस्ट्री में 75-80 प्रोडक्ट्स बंद हो सकते हैं

द एशियन एज ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि 30 नवंबर के बाद बीमा इंडस्ट्री के 75 से 80 प्रोडक्ट बंद होन जाएंगे। बता दें कि ये सभी प्लान 8 जुलाई 2019 को जारी हुए इंश्योरेंस प्रोडक्ट रेग्युलेशन के मुताबिक नहीं हैं। ऐसे में एलआईसी इंश्योरेंस एजेंट्स 30 नवंबर से पहले अधिक से अधिक ग्राहकों को मौजूदा प्लान खरीदने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। 

बीमा इंडस्ट्री में नहीं होगी खास दिक्कत

इसी रिपोर्ट में इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDA) के अधिकारी के हवाले से लिखा गया है, 'हमें इससे बाजार में कोई विघटन नहीं नजर आ रहा है। नियमो के मुताबिक नहीं होने की वहज से 75 से 80 प्रोडक्ट्स 30 नवंबर तक बाजार से वापस से लिए जाएंगे। हालांकि, बहुत सारे ऐसे प्रोडक्ट हैं जो नियमों के मुताबिक हैं और ये 1 दिसंबर के बाद भी जारी रहेंगे। इंश्योरर को जोखिम कम करने के लिए बैंडविथ के हिसाब से ही अपने प्रोडक्ट को रिप्राइस करना होगा।'

उन्होंने कहा, 'ध्यान देने की बात है कि वापस लिए जाने वाले प्रोडक्ट का केवल इतना मतलब है कि वो मौजूद स्थित में बाजार में नहीं बेचे जा सके हैं। बीमा कंपनियां इनमें बदलाव कर इन्हें दोबारा लॉन्च कर सकती हैं। हमने कुछ कंपनियों को इस बात की अनुमति दी है कि वो अपने प्रोडक्ट्स को 'यूज एंड फाइल' कैटेगरी में रखें, जहां वो ग्राहकों को अपने प्रोडक्ट्स बेच सकते हैं। बाद में इसे वेरिफिकेशन और अप्रुवल के लिए हमारे यहां फाइल कर सकते हैं।