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DELHI ELECTION: भाजपा ने मनोज तिवारी को सीएम कैंडिडेट घोषित किया, फिर यू-टर्न ले लिया

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की उठापटक के बीच दिल्ली में एक बड़ा घटनाक्रम हुआ। यहां भारतीय जनता पार्टी ने मनोज तिवारी को दिल्ली का सीएम कैंडिडेट घोषित कर दिया। इस घोषणा के साथ ही जब आम आदमी पार्टी खेमे में खुशियां मनाई जाने लगी तो भाजपा ने अपना फैसला वापस ले लिया। 

मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मनोज तिवारी को सीएम कैंडिडेट घोषित किया

दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा नेता एवं भारत सरकार के केंद्रीय शहरी विकास मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऐलान किया कि पूर्वी दिल्ली से सांसद और प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के नेतृत्व में भाजपा चुनाव लड़ेगी। इसका तात्पर्य कि मनोज तिवारी भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अधिकृत सीएम कैंडिडेट होंगे। पुरी ने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव में बहुमत मिलने पर मनोज तिवारी को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। 

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बधाई दी. APP पार्टी में खुशी की लहर

जिस कार्यक्रम में हरदीप सिंह पुरी ने मनोज तिवारी के बारे में यह टिप्पणी की थी, उसके वीडियो को री-ट्वीट करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक बधाई नोट भेजा। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में नामित होने के लिए मनोज तिवारी जी को बधाई दी। वहीं, आप विधायक संजय सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को टैग करते हुए ट्वीट किया- "बीजेपी ने मनोज तिवारी के नाम की घोषणा पार्टी के सीएम चेहरे के रूप में की है, अब हम अपना 2015 का रिकॉर्ड तोड़ देंगे।

मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यू-टर्न ले लिया 

आम आदमी पार्टी में हलचल के बाद मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यू टर्न ले लिया। पुरी ने कहा कि भाजपा ने इस पद के लिए किसी का नाम नहीं लिया है। बता दें कि पिछली बार भारतीय जनता पार्टी ने किरण बेदी को पार्टी में शामिल करके सीएम कैंडिडेट घोषित किया था। बावजूद इसके भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली में कितना नुकसान उठाना पड़ा बताने की जरूरत नहीं। इस बार भाजपा कोई अचूक करना नहीं चाहती।

मनोज तिवारी दावेदार क्यों है

मई 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट से बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्होंने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को 3 लाख 66 हजार 102 वोटों से हराया था। इस बार दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के प्रति नाराजगी भी है। भारतीय जनता पार्टी ने पिछले 5 साल से लगातार दिल्ली जीतने के लिए कोशिश की है। यही कारण है कि मनोज तिवारी अपनी दावेदारी चूकने के मूड में नहीं है।