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सबरीमाला मंदिर जैसी दीपमालाएं BHOPAL के इन मंदिरों पर भी मिलेंगी: मकर विलक्कू पर्व शुरू

भोपाल। मलयाली समाज का 'मकर विलक्कू पर्व' शुरू हो गया है। यह 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति तक चलेगा। इस दौरान मलयाली समाज के मंदिरों की आभा देखने लायक होगी। यदि आप सबरीमाला मंदिर नहीं जा पाए तो उसकी झलक भोपाल में देख सकते हैं। शहर में आधा दर्जन से अधिक अय्यप्पा मंदिरों में धूमधाम और मन मोहती दीपमालाएं आपके जीवन में यादगार लम्हे दे जाएंगी।

भोपाल शहर के शिवाजी नगर, बरखेड़ा, सीटीओ बैरागढ़ व कोलार स्थित अय्यप्पा मंदिरों में केरल के सबरीमाला मंदिर में होने वाले अनुष्ठानों की तर्ज पर पूजा-अर्चना व अन्य अनुष्ठान होंगे। विभिन्न अवसरों पर इन मंदिरों में दीपमालाएं सजाई जाएंगी, तो नजारा दीपावली सा होगा। खास बात यह है कि इन सभी मंदिरों में भी प्लास्टिक की सामग्री के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। किसी को भी पाॅलिथीन में प्रसाद व अन्य सामग्री नहीं लाने दी जाएगी। भगवान अय्यप्पा के जन्म प्रसंग से जुड़ा होने पर यह उत्सव मनाया जाता है। मकर नाम से ज्योत प्रज्ज्वलित की जाती है, मकर एक तारे को कहा जाता है, जबकि ज्योति को विलक्कू कहते हैं। 

अय्यप्पा मंदिर में तैयारियां शुरू... 

मकर विलक्कू पर्व के आयोजनों के लिए बरखेड़ा स्थित अय्यप्पा मंदिर में शुक्रवार को कमेटी के कार्यकर्ताओं व अन्य श्रद्धालुओं ने साफ-सफाई की। शनिवार को मंदिर में पुष्पों आदि से सजावट की गई। शिवाजी नगर स्थित समाज के मंदिर में भी भव्य तैयारियां की गई। बैरागढ़ सीटीओ स्थित मंदिर को भी कलर पेंट कर चमकाया गया। और रविवार से पर्व की शुरुआत हो गई। 

मकर संक्रांति तक मंदिरों में होंगे आयोजन

बरखेड़ा अय्यप्पा मंदिर समिति के अध्यक्ष एसए पिल्लई ने बताया कि पर्व का शुभारंभ 17 नवंबर को गणपति होम व दीप आराधना के साथ शुरू हो गया है। पर्व 14 जनवरी को मकर संक्रांति तक चलेगा। आगामी 29 नवंबर को 12वें दिन विशेष उत्सव होगा। मंदिर में 501 दीप प्रज्ज्वलित वंदना की जाएगी।
शिवाजी नगर अय्यप्पा मंदिर में समिति अध्यक्ष आरजी पिल्लई ने बताया कि सबरीमाला मंदिर की परंपरानुसार अनुष्ठान होंगे। रविवार सुबह 5 बजे पर्व का शुभारंभ हुआ।
सुभाष नगर नारायण गुरु मिशन मंदिर में पारायण व गुरु वंदना की गई। कमेटी के अध्यक्ष विजयाधरन ने बताया कि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हुई। दीप आराधना के साथ पुष्पों व रंगोली से सजावट की गई।
सीटीओ बैरागढ़ अय्यप्पा मंदिर के अनिल नायर ने बताया कि पहले दिन से ही मंदिर में भगवान के जन्म से जुड़े प्रसंगों का वाचन और नाम संकीर्तन किया गया। 

विष्णु और शिव के पुत्र हैं अय्यप्पा स्वामी

दक्षिण भारत के शबरीमलई में अय्यप्पा स्वामी का मंदिर है। मान्यता है कि इस मंदिर के पास मकर संक्रांति की रात ज्योति दिखती है। भक्त इसे देव ज्योति मानते हैं। भगवान अय्यप्पा का एक नाम 'हरिहर पुत्र' है यानी हरि (विष्णु) और हर (शिव) के पुत्र।