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पढ़िए, रेलवे ट्रैक पर सुसाइड करने खड़े युवक को डायल 100 कॉल सेंटर ने कितनी चतुराई से बचाया

भोपाल। डायल 100 का कॉल सेंटर भोपाल में है। एक युवक मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में रेलवे ट्रैक पर खड़ा था। उत्तर प्रदेश का रहने वाला वह युवक सुसाइड करने आया था। जैसे ही डायल 100 कॉल सेंटर को इसकी भनक लगी उन्होंने बड़ी चतुराई से मामले को हैंडल किया और किसी भी अप्रिय घटना से पहले युवक को बचा लिया गया। पड़ी है एक रोचक कहानी जिसमें एक अदने से कर्मचारी की बहुत बड़ी चतुराई छुपी है। 

कौन है वह युवक, क्यों आत्महत्या करना चाहता था

जिला जालौन यूपी निवासी लाखन सिंह छात्र है और बीकॉम की पढ़ाई कर रहा है। दो साल से उसका एक छात्रा से अफेयर चल रहा है। कुछ दिन पहले ही छात्रा के परिजनों ने उसकी सगाई कर दी और मार्च में शादी होना तय कर दिया, जब इसका पता लाखन को चला तो वह छात्रा के पास पहुंचा और छात्रा तथा उसके परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे सगाई तोडऩे और उससे छात्रा की शादी करने को तैयार नहीं हुए। इससे निराश होकर लाखन सिंह आत्महत्या करने का मन बनाया। इसके लिए ग्वालियर आया ताकि रेल के सामने खड़ा हो सके। दिनभर वह ग्वालियर में भटकता रहा और फाइनली सोमवार को रेलवे ट्रैक पर जाकर खड़ा हो गया।

डायल 100 के कॉल सेंटर ने कैसे बचाया

छात्र लाखन सिंह ने सुसाइड करने से पहले उसकी लाश लावारिस ना रह जाए, इससे बचने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम कॉल कर जानकारी दी। कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारियों ने उसे बातों में उलझा लिया। कंट्रोल रूम के कर्मचारी उससे विस्तार पूर्वक बात करने लगे। उसका हुलिया, कपड़ों का रंग, शरीर पर विशेष निशान इत्यादि कई सवाल पूछे ताकि उसके शव की शिनाख्त करने में परेशानी ना हो। इसी बीच उसकी जानकारी पड़ाव एफआरवी पर मौजूद पायलट हफीज खान और आरक्षक राघवेन्द्र सिकरवार और आनंद को भेज दी। सूचना मिलते ही पांच मिनट में एफआरवी स्टॉफ प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंचा और हुलिए के आधार पर युवक की तलाश की, इसी बीच भोपाल की तरफ से आ रही ट्रेन को देखते ही एक युवक रेलवे ट्रैक पर उतरता दिखा, जिसका हुलिया मिल रहा था। युवक को देखते ही आरक्षक और पायलट वहां पर पहुंचे और ट्रेन के पहुंचने से पहले ही युवक को पकड़ लिया। बाद में उसे उसके परिजनों को सौंप दिया गया।