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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने फिर कमलनाथ को घेरा, इस बार मिलावट खोरी | MP NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के तीसरे दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया इन दिनों कमलनाथ से नाराज चल रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष पद की नियुक्ति के बाद शुरू हुई तनातनी थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले दिनों सिंधिया ने कमलनाथ को कर्ज माफी के मुद्दे पर गिरा था। आज उन्होंने मिलावट खोरी को लेकर कमलनाथ सरकार पर तीखा हमला किया है। 

ज्योतिराज सिंधिया ने बयान दिया है कि मध्यप्रदेश में छापा पड़ने के बाद भी मिलावट खोर कारोबारियों को छोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। मिलावट खोरी के मामले में मंत्रालय के आदेश के बिना कोई भी कारोबारी छूटना नहीं चाहिए। बता दें कि इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कर्ज माफी पर कमलनाथ सरकार को घेरा था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि हमने चुनाव में किसानों का ₹200000 तक का कर्ज 10 दिन में माफ करने का वादा किया था परंतु 10 महीने बाद मात्र ₹50000 तक की कर्ज माफ हो पाया है। ट्रांसफर पोस्टिंग मामले में भी सिंधिया ने कमलनाथ सरकार पर ताना मारा था।

सिंधिया ग्वालियर में फूड टेस्टिंग लैब का शिलान्यास कर रहे थे। यहां मंच से उन्होंने कहा, मैं प्रदेश में कई कहानियां सुन रहा हूं। मिलावट को रोकने छापा पड़ता है, लेकिन छापा पड़ने के बाद मिलावट खोर को छोड़ दिया जाता है। उन्होंने स्वास्थ मंत्री तुलसी सिलावट को नसीहत देते हुए कहा कि मंत्री जी आपसे निवेदन है मिलावट पर सख्त कार्रवाई हो। मिलावटखोरों को जेल की सलाखों में पहुंचाया जाए। आप खुद भोपाल में बैठकर मॉनिटरिंग कीजिए। किसी को बख्शा ना जाए। सिंधिया ने कहा कि मिलावटखोरों पर छापामारी की मैं कई कहानियां सुन रहा हूं। छापा पड़ता है फिर छोड़ा जाता है अगर छापा पड़े वहां कुछ पकड़ा जाए तो फिर आपके ऑर्डर के बिना केस क्लोज नहीं होना चाहिए।

यह है विवाद की जड़ 

लोकसभा चुनाव हारने के बाद ज्योतिराज सिंधिया चाहते हैं कि मध्य प्रदेश में उनकी स्थिति मजबूत रहे इसके लिए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए। वर्तमान में कमलनाथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी हैं और प्रदेश अध्यक्ष भी। सिंधिया सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में हाईकमान उनके नाम पर सहमत था और उनके नाम की घोषणा होने ही वाली थी कि तभी अचानक मुख्यमंत्री कमलनाथ दिल्ली गए और उन्होंने सोनिया गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की घोषणा टल गई।