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अंदर लड़की जिंदा जल रही थी, बाहर थानेदार खड़े-खड़े देख रहे थे | MP NEWS

मंदसौर। भावगढ़ थाने के ग्राम करजू में 22 वर्षीय विवाहिता ने गुरुवार को अपने पिता के घर केरोसिन डालकर खुद को जला लिया था। मामले में शनिवार को कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं। इनमें पुलिस का क्रूर चेहरा सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि विवाहिता पौने तीन घंटे तक जलती रही और थाना प्रभारी बाहर ही एफएसएल अधिकारी का इंतजार करते रहे। एफएसएल अधिकारी चंदा आंजना ने आते ही जलती विवाहिता पर पानी डलवा कर आग बुझवाई। एसपी ने भावगढ़ थाना प्रभारी रमेश चंद्र गौड़ को किया लाइन हाजिर कर दिया है। 

वायरल हो रहे वीडियो में विवाहिता अंदर जल रही है। पुलिस भी खड़ी-खड़ी देख रही है। मृतका के पिता ने भी आरोप लगाया है कि पुलिस न जाने किसका इंतजार कर रही थी और ग्रामीणों को भी घर की तरफ नहीं जाने दिया गया। पुलिस ने उसे बचाने के बजाय जिंदा जलने दिया। इतना ही नहीं घर के अंदर युवती जलती रही और पुलिस बाहर पलंग पर बैठी हुई एफएसएल अधिकारी के इंतजार का बोलकर परिजन को भी रोकती रही। जब तक एफएसएल अधिकारी मौके पर पहुंची, तब तक बुरी तरह झुलसने से युवती की मौत हो गई। 

जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे करजू निवासी रानू (22) ने अपने पिता कोमल टेलर के घर खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली थी। इससे उसकी मौत हो गई थी। उसकी शादी तीन साल पहले बेहपुर निवासी राहुल टेलर से हुई थी, पर वह एक बार ही ससुराल गई थी। उसके बाद से ही मायके में माता-पिता के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी। घटना के दौरान वह घर पर अकेली थी। सूचना पर भावगढ़ से थाना प्रभारी रमेशचंद्र गौड़ भी तुरंत अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे थे। इस बीच करीब पौने तीन घंटे तक पुलिस के सामने युवती जिंदा जलती रही।

पुलिस ने अंदर जाने नहीं दिया

मुझे खबर मिली थी कि बेटी ने खुद को आग लगा ली है। इस पर घर पहुंचा फिर पुलिस को भी बुलाया। पुलिस आई लेकिन खिड़की तोड़कर बचाने के बजाय बाहर से ही देखती रही। भावगढ़ थाना प्रभारी ने मुझे भी अंदर नहीं जाने दिया। बोले जब तक मंदसौर से एफएसएल अधिकारी नहीं आ जाती, तब तक हम कुछ नहीं कर सकते। मेरी बेटी करीब पौने तीन घंटे तक अंदर जलती रही। पुलिस बाहर बैठकर देखती रही। एफएसएल अधिकारी आई तो आग बुझाई। पहले ही आग बुझाकर उसे बचा लिया जाता तो आज बेटी की जान बच जाती। ऐसे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। -कोमल टेलर, मृतका के पिता

पुलिस की लापरवाही

मैं पड़ोस में ही रहता हूं, जैसे ही मुझे पता चला कि कोमल की बेटी ने खुद को जिंदा जला दिया है तो पुलिस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में भावगढ़ थाना प्रभारी और बल मौके पर आ गया था। पुलिस ने खिड़की तोड़ी लेकिन लड़की को बचाने व आग बुझाने के लिए कुछ नहीं किया। परिवार व गांव के लोगों को घटनास्थल से ही दूर कर दिया। युवती अधिकारी आई तो उन्होंने आग बुझाई। भावगढ़ पुलिस की लापरवाही से ही लड़की की जान गई है। समय पर बचा लिया जाता तो जान बच जाती। -शैलेंद्र सोनी, पड़ोसी

धुआं निकला तो पता चला

दोपहर करीब दो बजे कोमल के घर से धुआं निकलते देखा तो आस-पड़ोस के लोग घर की तरफ आए। खिड़की में झांककर देखा तो अंदर लड़की जल रही थी और केरोसिन की बदबू आ रही थी। तुरंत भावगढ़ पुलिस को सूचना दी। मौके पर थाना प्रभारी टीम के साथ आए थे लेकिन खिड़की तुड़वाई और अंदर विवाहिता को जलता देख बाहर बैठ गए और किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया। पौने पांच बजे तक लड़की जिंदा जलती रही।- लक्ष्मीनारायण, पड़ोसी

कार्रवाई की जाएगी

करजू में युवती के जिंदा जलने की सूचना पर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे थे। अब वहां क्या परिस्थिति थी, यह जांच के बाद ही पता चलेगा। जहां तक मुझे जानकारी है, कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। उसके बावजूद अगर ऐसी कोई बात सामने आती है तो संबंधित कि खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।- भारतभूषण चौधरी, एसडीओपी, मंदसौर ग्रामीण

मुझे करजू के सरपंच ने दोपहर 2.34 बजे सूचना दी थी। जबकि लड़की दो बजे से जलना शुरू हो गई थी। सूचना के बाद मैं आठ मिनट में तुरंत पहुंच गया था और खिड़की तोड़ी, लेकिन किसी ने मदद भी नहीं की। बाद में अंदर देखा तब तक तो वह लड़की 100 प्रश जल चुकी थी। -रमेशचंद्र गौड़, थाना प्रभारी, भावगढ़

पुलिस कंट्रोल रुम से दोपहर तीन बजे सूचना मिली थी में शाम चार बजे तक घटनास्थल पर पहुंची। वहां देखा कि पुलिस ने खिड़की तोड़ी थी और आग जल रही थी। हम पहुंचे तब तक युवती की मृत्यु हो गई थी। आग जल रही थी। आवश्यक सबूत जब्त किए है। -चंदा आंजना, एफएसएल अधिकारी