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करवाचौथ 2019: क्या करें, कैसे करें, सभी प्रश्नों के उत्तर | Karva Chauth 2019: what to do, how to do

इस बार करवाचौथ 17 अक्तूबर 2019 को आ रही है। यह हिंदुओं के विशेष त्यौहारों में से एक है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लम्बी एवं निरोगी आयु की कामना से निर्जला उपवास रखतीं हैं एवं चंद्रदर्शन के बाद ही उपवास पूर्ण माना जाता है। करवाचौथ का व्रत तो पूरे भारत में किया जाता है पंरतु इससे जुड़े बहुत से प्रश्न ऐसे हैं जिनका उत्तर नहीं मिलता। हम यहां ऐसे ही कुछ प्रश्नों के उत्तर प्रस्तुत कर रहे हैं। 

करवाचौथ 2019 के विशेष संयोग

करवाचौथ पर इस बार बहुत अच्छा संयोग बन रहा है। नई नवेली दुल्हनों और पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए यह करवाचौथ अच्छी मानी जा रही है। महिलाएं इसका उद्यापन भी कर सकती हैं। ज्योतिषों का दावा है कि पहली बार करवाचौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए यह व्रत बहुत अच्छा है। इस बार करवाचौथ पर बृहस्पति और शुक्र का अच्छा संयोग बन रहा है। इसके साथ चतुर्थी भी पड़ रही है और यह भगवान गणेश को समर्पित है। इन सभी योगों के एक साथ होने से यह व्रत अत्यंत लाभकारी हो जाता है। 

करवाचौथ का टाइम टेबल, पत्नी को क्या करना चाहिए

पंडित डॉ. प्रियव्रत शर्मा ने कहा कि करवाचौथ का व्रत रखने के लिए महिलाओं को सुबह चार बजे उठकर संकल्प लेना होगा। शाम को व्रत की पूजा का समय 6:48 बजे से शुरू होगा। 6:48 बजे तक भद्रा होने के कारण इससे पहले पूजा नहीं होगी। व्रत का संकल्प लेने के बाद महिलाओं को सात्विक व्यवहार का पालन करना होगा। यानी इस अवधि के दौरान उन्हे शांत और प्रसन्न रहना होगा। वो झूठ नहीं बोल सकतीं एवं गुस्सा नहीं कर सकतीं। 

करवाचौथ का व्रत सफल बनाने क्या करें

व्रत को सफल बनाने के लिए दूर्वा और मोदक से गणपति की पूजा करनी होगी। पूरा दिन गणपति के मंत्रों का जप करें। व्रत के दिन फल बांटना भी लाभकारी है। मंदिरों में भिखारियों को वस्त्र और खाना देना चाहिए।करवाचौथ का चांद इस बार रात 8.12 बजे के आसपास निकलेगा।

करवाचौथ पर पति को क्या करना चाहिए?

करवाचौथ के अवसर पर पति को क्या करना चाहिए, यह बताने की जरूरत नहीं। पत्नी जब उनकी लम्बी आयु के लिए तप कर रही हो तब पति को पत्नी का ध्यान रखना चाहिए। वासनामुक्त प्रेम करना चाहिए, जैसे श्रीकृष्ण, राधाजी के पति रखते थे। उपवास पूर्ण होने पर चांदी के पात्र में अपने हाथ से जल पिलाएं। उसके बाद मिष्ठान खिलाएं। 

करवाचौथ की रात अगर चाँद न दिखे तो क्या करें

बादलों के कारण अगर चंद्रमा दिखाई न दे तो शुभ मुहूर्त में पूजन किया जा सकता है। इसके लिए चौकी सजाएं। उस पर लाल कपड़े के ऊपर चावल से चांद की आकृति बनाएं। ओम चतुर्थ चंद्राय नमः मंत्र का जाप कर चंद्रमा का आह्वान करने के बाद विधि-विधान से पूजन कर व्रत पूरा किया जा सकता है। पं गौतम ने बताया कि शास्त्रों में इस बात का उल्लेख है कि गर्भवति, बुजुर्ग एवं रोगी महिलाओं के लिए चंद्र दर्शन अनिवार्य नहीं है।

करवाचौथ पर चांद के दर्शन कब करें

उपवास का संकल्प पूर्ण करने की जल्दी में चांद के उगते ही उसका पूजन नहीं करना चाहिए। उगते समय चांद बाल्यावस्था में होता है। ऐसे में चंद्रमा का पूजन करने से व्रत का पूरा फल नहीं मिलता। चांद के पूरी तरह से परिपक्व हो जाने एवं जब उसकी किरणें पूरी तरह से दिखने लगें तब ही पूजन करना चाहिए। 

करवाचौथ पर पति के दर्शन कैसे करें

पूजन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान सुहागनों को रखना चाहिए कि वे अपने पति को भी उसी तरह सिर उठाकर देखें जैसे चांद को देखती हैं। इसके लिए पति को छोड़ा ऊंचाई पर भी खड़ा किया जा सकता है।