Loading...

हनी ट्रैप: राजगढ की नाबालिग लडकी के मामले मेें 13 रसूखदारों की पहचान | MP NEWS

भोपाल। हनी ट्रैप मामले में पकडी गई एक युवती के पिता ने मामला दर्ज करा दिया है। आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को उस समय जाल में फंसाया गया जब वो नाबालिग थी। यह जानते हुए कि वो नाबालिग है, तीन महिलाओं ने उसका ब्रेशवॉश करके उसे कई पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए प्रेरित किया और 13 रसूखदारों ने उसे नाबालिग जानते हुए उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। एसटीएफ के पास अब सभी 13 रसूखदारों के नाम हैं। सबूत जुटाए जा रहे हैं, जल्द ही सबको नामजद किया जा सकता है। 

सूत्रों के अनुसार हनी ट्रैप गैंग की आरोपी महिलाओं ने राजनेताओं, आईएएस, आईपीएस और कारोबारियों को फंसाने के लिए कई कम उम्र की लड़कियों का इस्तेमाल किया। इस मामले में मानव तस्करी की एफआईआर दर्ज हुई है। राजगढ़ की रहने वाली युवती दो वर्ष पूर्व नाबालिग थी। गिरोह की सरगना ने उसे पढ़ाई और नौकरी का लालच देकर अपने जाल में फंसाया था। लेकिन बाद में उससे जिस्मफरोशी करायी गयी। उसे कई रसूखदारों के पास भेजकर उसकी जानकारी के बिना अश्लील वीडियो बनाया गया। रसूखदारों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। ये गिरोह के तहत किया गया हनी ट्रैप था। चूंकि लड़की नाबालिग थी इसलिए रसूखदारों का ये कृत्य अपराध की श्रेणी में आ गया है। पुलिस अब उन सारे रसूखदारों की पहचान कर रही है, जिन्होंने उस नाबालिग छात्रा के साथ गलत काम (रेप) किया।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा
एसआईटी ने मानव तस्करी के मामले में पीड़ित छात्रा से पूछताछ की, तो पता चला कि गैंग की अधेड़ महिलाएं रसूखदारों पर हुस्न का जादू चलाने के लिए कम उम्र की लड़कियों को अपना मोहरा बनाती थीं। कम उम्र की लड़कियों में गिरोह में शामिल ये नाबालिग छात्रा भी थी। पहले इंदौर पुलिस ने इस छात्रा को हनीट्रैप के तहत गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में गैंग की करतूत पता चलने पर पीड़ित छात्रा के पिता की शिकायत पर आरोपियों पर मानव तस्करी की एफआईआर दर्ज की।

एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि इंदौर नगर निगम के इंजीनियर के साथ-साथ कई आईएएस, आईपीएस, कारोबारी और राजनेता ने उस छात्रा के साथ शारीरिक संबंध बनाए। दो साल पहले नाबालिग रही छात्रा के साथ गलत काम करने वाले रसूखदारों पर रेप, पॉक्सो समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।

सबूत इकट्ठा कर रही SIT
एसआईटी हनी ट्रैप गैंग की शिकार राजगढ़ की छात्रा जैसी ही शोषित होने वाली दूसरी कम उम्र की लड़कियों की तलाश कर रही है। एसआईटी के साथ सीआईडी भी नाबालिग लड़कियों को अपना शिकार बनाने वाले रसूखदारों के खिलाफ सबूत जुटा रही है।