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SDOP आरपी मिश्रा के खिलाफ लोकायुक्त जांच करे: हाईकोर्ट | BHIND MP NEWS

ग्वालियर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने भिंड जिले के अटेर अनुविभाग के एसडीओपी आरपी मिश्रा के खिलाफ लोकायुक्त जांच एवं फूप थाने के सब इंस्पेक्टर मुनेंद्र सिंह और राम निवास सिंह के वॉइस सैंपल की हैदराबाद लैब से जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कि तीनों अधिकारियों ने मिलकर रेत माफिया के रैकेट का खुलासा करने वाले कथित व्हिसल ब्लोअर दीपक भदौरिया के खिलाफ ना केवल गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए बल्कि पद का दुरुपयोग करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को रीकॉल करने का आवेदन भी लगाया। 

रेत माफिया से पुलिस के संबंध का खुलासा किया इसलिए मामले दर्ज किए गए

कथित व्हिसल ब्लोअर दीपक भदौरिया ने हाईकोर्ट में अपने खिलाफ दर्ज डकैती और शासकीय कार्यों में बाधा सहित अन्य मामलों को खत्म करने के लिए याचिका दाखिल की है। दीपक भदौरिया ने सभी मामलों को पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया है, दीपक ने दलील देते हुए कहा है कि, चूंकि मैने पुलिस और रेत माफिया के रैकेट का खुलासा किया था, इसलिए पुलिस ने जानबूझ कर मेरे खिलाफ कई फर्जी मामले दर्ज किए हैं। 

सब इंस्पेक्टर मुनेंद्र सिंह और रामनिवास सिंह का आडियो वायरल किया था

भिंड के दीपक भदौरिया ने हाई कोर्ट में अपने खिलाफ दर्ज मामले को खत्म कराने के लिए एक अपील दायर की है। उसका दावा है कि उसने पिछले साल मई महीने में फूप थाने के सब इंस्पेक्टर मुनेंद्र सिंह और रामनिवास सिंह का रेत से भरे ट्रक को छोड़े जाने के एवज में दस हजार रुपये मांगने का आडियो वायरल किया था। इसमें एक आवाज खुद दीपक भदौरिया की थी। 

खुलासे के 20 ​दिन बाद डकैती का मामला दर्ज हो गया

उसका दावा है कि पुलिस वैन में बैठे मुनेंद्र सिंह और रामनिवास सिंह उससे पैसों की मांग कर रहे थे। 20 दिन बाद इस मामले में फूप थाने में दीपक भदौरिया के खिलाफ डकैती बलवा और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया था। अब दीपक का कहना है कि पुलिस ने जानबूझकर उसके खिलाफ ये मामला दर्ज किया है। 

एसडीओपी आरपी मिश्रा ने भी एक आवेदन लगाया

खास बात यह है कि अटेर एसडीओपी आरपी मिश्रा ने इस मामले में हाईकोर्ट के 13 जुलाई के आदेश को रीकॉल करने के लिए आवेदन लगाया था। रीकॉल की एप्लीकेशन के बारे में जब कोर्ट ने आईजी से जवाब तलब किया, तो उन्होंने अपने शपथ पत्र पर कहा कि उन्होंने कोई आदेश रिकॉल संबंधी एसडीओपी को नहीं दिए हैं। यही भिंड के एसपी का भी कहना है। इस पर हाईकोर्ट ने एसडीओपी की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उनके खिलाफ लोकायुक्त जांच के आदेश दिए हैं। वहीं दोनों पुलिस अधिकारियों की आवाज के सैंपल हैदराबाद भेजे जाने के भी निर्देश दिए हैं।