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हनी ट्रेप: छतरपुर की रूपा दिल्ली, सागर की श्वेता मुंबई का काम संभालती थी | MP NEWS

इंदौर। मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में कई खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने दावा किया है कि श्वेता जैन मुंबई में रहकर महाराष्ट्र का काम संभालने लगी थी जबकि रूपा अहिरवार दिल्ली का काम संभाल रही थी। हनी ट्रैप के बाद केवल पैसे ही नही लिए जाते थे बल्कि अपने पति को नाम से बनाई गई कंपनियों को टेंडर भी दिलवाए जाते थे। 

अफसरों, नेताओं से जुड़कर करोड़ों रुपए के टेंडर लिए

हनी ट्रैप गैंग में शामिल महिलाओं के कई बड़े लोगों से संपर्क की पुष्टि हुई है। सिर्फ इंदौर, भोपाल ही नहीं, मुंबई, दिल्ली तक इन महिलाओं ने हस्तियों (अफसरों, नेताओं) से जुड़कर करोड़ों रुपए के टेंडर लिए। इसमें श्वेता स्वप्निल जैन और बरखा सोनी की भूमिका अहम थी। श्वेता विजय जैन ने लाइजनिंग कर दूसरों को ठेके दिलवाने का काम संभाल रखा था। वह महाराष्ट्र में काम देख रही थी, जबकि दिल्ली के काम रूपा अहिरवार संभालती थी। पुलिस सभी विभागों से टेंडरों की जानकारी जुटाएगी।   

श्वेता विजय जैन महाराष्ट्र का काम देखने लगी थी

एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र के मुताबिक,  गैंग की मास्टर माइंड दोनों श्वेता जैन और बरखा सोनी कई बड़े टेंडरों के खेल कर चुकी हैं। श्वेता ने पति विजय और बरखा ने अमित को काफी काम दिलवाए, इसकी जांच की जा रही है। भोपाल मुख्यालय से सभी विभागों को पत्र लिखवाकर पता करेंगे कि श्वेता और बरखा की कंपनियों और उनके पतियों को कितने ठेके मिले हैं। श्वेता विजय जैन महाराष्ट्र में संपर्क बढ़ाने के बाद लोगों को काम दिलाने के बदले कमीशन लेने लगी थी। आरती ने श्वेता जैन के साथ मिलकर भोपाल में एक कंपनी भी खोली थी। उसे कितने ठेके मिले, यह भी पता किया जा रहा है।

छतरपुर की रूपा अहिरवार दिल्ली का काम देख रही थी

एसएसपी का कहना है कि गैंग के कई राज्यों से तार जुड़ रहे हैं, जल्द इसका खुलासा करेंगे। वहीं पुलिस का कहना है कि रूपा अहिरवार भी हनी ट्रैप गैंग के लिए ही काम करती है। रूपा छतरपुर में आरती के पास के गांव की रहने वाली है, इसलिए दोनों की दोस्ती हो गई। अपनी शादी टूटी तो रूपा पढ़ाई के लिए भोपाल आ गई। आरती से जुड़ने के बाद उसकी ब्लैकमेलिंग में मदद करने लगी। रूपा ने आरती के लिए कई लोगों के साथ उसके वीडियो बनाए। रूपा के गिरफ्तार होने पर कई अश्लील वीडियो रिकवर हो सकते हैं। रूपा 24 साल की है और आरती अपनी गैंग में कम उम्र की लड़कियों को ही जोड़ रही थी। उसने 18 साल की मोनिका को भी इसलिए ही जोड़ा था, ताकि वह अफसरों, नेताओं की कम उम्र की लड़कियों से दोस्ती करवाकर ब्लैकमेल कर सके।