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बाबूलाल गौर को हनी ट्रैप का शिकार बनाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा लिया गया था | MP NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया था। यह प्रश्न फिर उठ खड़ा हुआ है क्योंकि मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाते हुए कहा, 'बीजेपी नेताओं ने सत्ता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपने ही मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को हनी ट्रैप का शिकार बनाया था। 

शिवराज सिंह का संरक्षण, श्वेता जैन सरगना

कांग्रेस के प्रदेश सचिव राकेश सिंह यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हनी ट्रैप के सरगना हैं जबकि श्वेता जैन के संरक्षण में यह सब फल-फूल रहा था। उन्होंने कहा, शिवराज सरकार के अनेक मंत्री हनी ट्रैप कारोबार में हिस्सेदार रहे और बीजेपी सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर को पद से हटाने के लिए हनी ट्रैप का इस्तेमाल किया गया था।

एसटीएफ का पूरी जानकारी दी जाएगी: यादव

शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोलते हुए यादव ने कहा, मध्य प्रदेश के मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्रियों का काला चेहरा उजागर हो गया है। राज्य की जनता के सामने शिवराज सिंह चौहान का कड़वा सच उजागर हो गया हैं। बीजेपी को एमपी की जनता से माफी मांगनी चाहिए। इस सारे मामले की जानकारी एसटीएफ प्रमुख को भी दी जाएगी।

कई नेता-अफसरों का करियर बर्बाद हो सकता है

पुलिस के हाथ जो सुराग हाथ लगे हैं, वे इस बात का खुलासा करते हैं कि हनीट्रैप सेक्स कांड में सिर्फ पांच महिलाएं नहीं हैं, बल्कि उनके गिरोह के सदस्य छोटे जिलों तक फैले हुए हैं, जिनका समय-समय पर अपने तरह से उपयोग किया जाता था। पहले संबंधित नेता अथवा अफसर को खुश करके ठेका या दूसरे काम मंजूर कराए जाते थे और जिससे यह काम नहीं हो पाता था उसे ब्लेकमैल करने की धमकी देकर रकम वसूली जाती थी। इतना ही नहीं बड़े अफसरों की पोस्टिंग में भी ये महिलाएं बड़ी भूमिका निभाती थीं।

सूत्रों का दावा है कि अगर जांच सही हुई और राजनीतिक दखल नहीं रहा, तो कई ऐसे नेताओं और अफसरों के चेहरे बेनकाब होंगे, जिनका अपने-अपने क्षेत्र में करियर अभी बहुत लंबा है और वे वर्तमान में भी प्रमुख पद पर हैं। जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों से जुड़े नेता बड़ी संख्या में हैं, पुलिस के हाथ 100 से ज्यादा वीडियो और 200 से ज्यादा ऐसे फोन नंबर लग गए हैं, जो सियासी तूफान खड़ा कर सकते हैं।